गयाजी में 9 दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ:विष्णुपद मंदिर से निकली कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल; अलर्ट मोड में पुलिस




गया में ‘श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ का भव्य शुभारंभ हुआ। शनिवार सुबह विष्णुपद मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में युवतियां और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। सभी सिर पर कलश धारण किए थे। यात्रा में घोड़े, बैंड-बाजा और धार्मिक ध्वज भी थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से शहर गूंज उठा। नौ दिवसीय महायज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। पूजन के बाद कलश में जल भरा यह यात्रा विष्णुपद मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों अहिल्याबाई चौक, रामसागर रोड, नवागढ़ी, नादरागंज, कोईरीबाड़ी, जीबी रोड, बड़ा पोस्ट ऑफिस, कोतवाली मोड़, टावर चौक, रमना रोड, मल्लाह टोली, ब्राह्मणी घाट, सेन जी की ठाकुरवाड़ी, नई सड़क और पंचमहला बाजार से होते हुए सूर्यकुंड सरोवर पहुंची। यहां विधिवत पूजन के बाद कलश में पवित्र जल भरा गया, जिसके बाद श्रद्धालु फिर विष्णुपद मंदिर लौट गए। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली रही महायज्ञ के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन भी सतर्क रहा। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। इससे पहले जिलाधिकारी ने तैयारियों का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। महायज्ञ की विधिवत शुरुआत 19 अप्रैल को बेदी पूजन, मंडप पूजन और अग्नि स्थापना के साथ होगी। 20 अप्रैल से 26 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से नियमित यज्ञ अनुष्ठान संपन्न होगा। यह महायज्ञ कर्नाटक के माधवाचार्य संप्रदाय के प्रतिष्ठित गुरु यादवाचार्य के आचार्यत्व में आयोजित किया जा रहा है। काशी और गयाजी के विद्वान आचार्य भी इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। नई यज्ञशाला में पांच कुंडों का निर्माण किया गया है, जहां वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुतियां दी जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था आयोजन समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल ने बताया कि इस महायज्ञ का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करना है, बल्कि समाज में शांति, समृद्धि और सद्भाव का संदेश फैलाना भी है। महायज्ञ के अंतिम चरण में 28 अप्रैल को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।



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