जोधपुर में पत्नी के जाली हस्ताक्षर करके बैंक खाते से मोटी रकम निकालने का प्रयास करने वाले आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महामंदिर पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपी और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से व्यावसायिक और वैवाहिक विवाद चल रहा है। इसके चलते दोनों अलग रह रहे हैं। महामंदिर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार- नेहरू पार्क क्षेत्र में रहने वाली महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 2 फरवरी को दोपहर में उनके पास एक्सिस बैंक की पावटा शाखा से कॉल आया। बैंककर्मियों ने बताया कि ‘नरेंद्र’ नाम का एक युवक उनके हस्ताक्षर वाला ‘सेल्फ’ चेक लेकर कैश विड्रॉल के लिए आया है। चूंकि महिला ने ऐसा कोई चेक जारी नहीं किया था, इसलिए उन्होंने तुरंत भुगतान रोकने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि उसके पति चंद्रप्रकाश पुंगलिया ने जॉइंट अकाउंट की चेकबुक से फर्जी हस्ताक्षर किए और अपने नौकर को बैंक भेज दिया। कॉमर्शियल कोर्ट ने माना- पति का आचरण विधिपूर्ण नहीं दंपति के बीच ‘मैसर्स पी एंड डी एंटरप्राइजेज’ नामक भागीदारी फर्म के संचालन को लेकर कॉमर्शियल कोर्ट संख्या-1 में विवाद चल रहा है। इस मामले में न्यायाधीश सुरेंद्र खरे ने 13 अप्रैल को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से माना कि प्रार्थी चंद्रप्रकाश पुंगलिया ने फर्म के खातों (ICICI बैंक) का अवैध रूप से संचालन कर रुपए निकाले हैं। इस राशि का फर्म के बिजनेस के बजाय पर्सनल काम के लिए उपयोग किया। कोर्ट ने चंद्रप्रकाश के प्रार्थना-पत्र को खारिज करते हुए उसके आचरण को ‘विधिपूर्ण नहीं’ करार दिया था। विवाद के चलते अलग रह रहे पति-पत्नी महामंदिर पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोपी चंद्रप्रकाश पुंगलिया निवासी जालम विलास का हत्था पावटा बी रोड को गिरफ्तार किया। आरोपी और पीड़िता का विवाह 17 फरवरी 2012 को हुआ था, लेकिन फर्म के लेन-देन और पारिवारिक मनमुटाव के कारण दोनों अलग रह रहे हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति ने धोखाधड़ी की नियत से उसके जाली हस्ताक्षर किए, ताकि वह अवैध रूप से बैंक से रुपए निकाल सके।
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