लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब क्षेत्र के पास बहने वाले सतलुज दरिया में एक बार फिर रेत माफिया सक्रिय हो गया है। इलाके में बड़े स्तर पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शाम होते ही दरिया के विभिन्न स्थानों पर रेत निकालने का काम शुरू हो जाता है और देर रात तक चलता रहता है। रेत से भरी ट्रॉलियां अक्सर माछीवाड़ा की सड़कों पर देखी जा सकती हैं। हाल ही में गांव चकली कास्ब में अवैध रूप से रेत का वजन करने के लिए कांटा लगाने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि रेत ठेकेदार ने गांव के कुछ लोगों से मिलीभगत कर उनकी जमीन पर यह कांटा लगाना शुरू कर दिया था, ताकि लुधियाना क्षेत्र से भी रेत निकालने का रास्ता बनाया जा सके। गांव के लोगों ने SDM को दी शिकायत हालांकि, गांव के अन्य निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया और इस संबंध में समराला की एसडीएम को शिकायत दी। शिकायत के बाद माइनिंग विभाग के एसडीओ जसकरण सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान पाया कि ठेकेदार के पास कांटा लगाने की कोई वैध अनुमति नहीं थी। इसके चलते अधिकारियों ने तुरंत काम रुकवा दिया और अवैध गतिविधि पर रोक लगा दी। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच विवाद भी सामने आया है। गांव नानोवाल मंड के सरपंच शरणजीत सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। वहीं, दूसरी ओर हेम सिंह ने भी शिकायत दर्ज करवाई है कि सरपंच और उसके साथियों ने उनकी जमीन को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें धमकाया जा रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सब इंस्पेक्टर बोले- जांच जारी स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रेत माफिया ने दरिया में बने सेफ्टी स्टड भी तोड़ दिए हैं, जो बाढ़ जैसी स्थिति में सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब इस संबंध में सब इंस्पेक्टर प्रश्नोतम लाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं सतलुज दरिया में मौका पर गया था और वहां पर कांटा लगाने का काम बंद करवा दिया गया है। अभी दोनों पार्टियों की शिकायत आई हुई है जिस की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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