बिहार में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण ‘स्वगणना’ की शुरुआत 17 अप्रैल 2026 से हो गई है। इसी कड़ी में कटिहार समाहरणालय में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। डीएम ने जिले के सभी नागरिकों स
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जिलाधिकारी ने बताया कि स्वगणना का ट्रायल रन 16 अप्रैल को कटिहार जिले में किया गया था। इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार के कार्य प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार द्वारा राज्यस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी। ट्रायल रन में कटिहार के विधायक, विधान परिषद के सदस्य, महापौर, उपमहापौर, नगर आयुक्त और अन्य कर्मियों ने स्वगणना प्रक्रिया में भाग लिया।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने पहली बार नागरिकों को अपनी जनगणना स्वयं करने का अधिकार दिया है। इसके लिए एक विशेष ‘स्वगणना’ पोर्टल http://se.census.gov.in विकसित किया गया है। कोई भी नागरिक इस पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करके अपनी जनगणना संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यम से भर सकता है।
डीएम ने बताया कि स्वगणना पोर्टल को प्रायोगिक तौर पर 17 अप्रैल 2026 को सुबह 5 बजे से दोपहर तक खोला गया था। इस अवधि में जिले के 233 लोगों ने सफलतापूर्वक अपनी स्वगणना पूरी की। अब यह पोर्टल आम जनता के लिए विधिवत रूप से खोल दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वगणना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आम नागरिकों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें।
साथ ही जिले के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के आम नागरिकों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। इसके लिए जिला स्तर पर 24 वार्ड पदाधिकारी भी लगाए गए हैं।