पंजाब सरकार द्वारा 1 अप्रैल से पूरे राज्य में गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद, मानसा की अनाज मंडियों में किसान अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं। यहां मार्केट कमेटी और प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधों से किसान संतुष्ट हैं। मंडियों के मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ विशेष जांच केंद्र बनाए गए हैं। यहां प्रत्येक किसान की गेहूं की फसल की एंट्री से पहले जांच की जा रही है, ताकि खरीद प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित रखा जा सके। मंडी पहुंचे किसानों, अजैब सिंह और गुरप्रीत सिंह ने बताया कि शुरुआत में दो दिनों तक खरीद में कुछ देरी हुई थी, लेकिन अब प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने मार्केट कमेटी और प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना की। किसान बोले- मंडी में पानी और बाथरूम जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध किसानों के अनुसार, मंडी में ठंडे पानी के कैंपर, तिरपाल, फर्स्ट एड किट, फायर किट, लाइट और बाथरूम जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, बारदाना भी समय पर मिल रहा है और सरकारी एजेंसियां खरीद के तुरंत बाद गेहूं की लिफ्टिंग कर रही हैं। डिप्टी डी.एम.ओ. जय सिंह ने जानकारी दी कि मानसा जिले में अब तक कुल 1,83,950 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हो चुकी है। इसमें से विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा 1,00,002 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि खरीदे गए गेहूं में से 16,187 मीट्रिक टन की लिफ्टिंग हो चुकी है, जबकि 83,815 मीट्रिक टन अभी अनलिफ्टेड है। जिले की मंडियों में 83,948 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद अभी बाकी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। जय सिंह ने यह भी कहा कि राज्य सरकार और डिप्टी कमिश्नर मानसा के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिले की अनाज मंडियों में सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं, ताकि किसानों और अन्य लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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