अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने मंगलवार को परमान सभागार में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारु संचालन और लाभुकों को समय पर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना था। समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने आभा आईडी में न्यूनतम उपलब्धि दर्ज करने वाली चार बाल विकास परियोजनाओं – नरपतगंज, कुर्सकांटा, रानीगंज और सिकटी – के वेतन को तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करने का सख्त निर्देश दिया। यह कार्रवाई लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत लाभुकों को पोषाहार, टीकाकरण और स्कूल पूर्व शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के मिलनी चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पोषण ट्रैकर से जुड़े उन लाभुकों के मामलों में भी त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया गया, जिनका आधार कार्ड नहीं बना है या उसमें त्रुटि है। जिलाधिकारी ने इस समस्या के समाधान के लिए सभी प्रखंडों में अविलंब आधार कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। लंबित आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने के सख्त निर्देश दिए गए इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लंबित आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने के सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि इन महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ जरूरतमंद महिलाओं और बालिकाओं तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) कविता कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कुणाल श्रीवास्तव, सोहेब रूमी, अनुज रंजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में बाल विकास और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाया जाए और कोई भी पात्र लाभुक योजनाओं से वंचित न रहे।
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