औरंगाबाद में 11 प्रखंडों के किसानों ने किया प्रोटेस्ट:उत्तर कोयल नहर परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा, सिंचाई करने में होती परेशानी




औरंगाबाद और गयाजी के किसानों ने उत्तर कोयल नहर में पानी आपूर्ति और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च का उद्धेश्य सिंचाई से जुड़ी सालों पुरानी समस्याओं को सरकार-प्रशासन तक पहुंचाना है। किसानों ने बताया कि उत्तर कोयल नहर परियोजना का लाभ अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है, जिससे औरंगाबाद और गयाजी के हजारों किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी को लेकर उत्तर कोयल नहर किसान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नंदलाल यादव के नेतृत्व में प्रतिवाद मार्च निकाला गया है। जिसमें औरंगाबाद और गयाजी के 11 प्रखंडों के किसान शामिल हुए। मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर जल संसाधन विभाग तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। मुख्य अभियंता को ज्ञापन देकर अपनी मागों को पूरा करने की अपील की। देव रोड हॉल्ट के पास रेल पुल निर्माण की मांग किसानों की प्रमुख मांगों में उत्तर कोयल नहर के मुख्य शाखा में 211 आरडी पर सीआर गेट में फाटक लगाने और नहर में बने अवैध दीवार को हटाने की मांग शामिल है। मोर्चा के सचिव गुरारू उतरी के जिप सदस्य बालेश्वर यादव ने कहा कि बाधाओं के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित होता है और अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता। जिसके कारण हजारों किसान सिंचाई से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा चेई नवादा, कोटवारा और अंगरा कैनाल की जल्द से जल्द सफाई कराने की मांग भी उठाई गई, ताकि 2026 की खरीफ फसल के दौरान किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। किसानों ने अंगरा शाखा नहर पर इस्माइलपुर और कोटवारा शाखा नहर पर देव रोड हॉल्ट के पास रेल पुल निर्माण की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इन स्थानों पर पुल निर्माण होने से आवागमन के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था भी सुगम हो जाएगी। साथ ही कुटकू डैम में फाटक लगाने और भूमि अधिग्रहण के मामलों में 2013 के कानून का पालन करने की भी मांग की गई।
22 अप्रैल को गयाजी में होगा प्रदर्शन किसानों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से धरना-प्रदर्शन, पत्राचार और वार्ता के माध्यम से अपनी समस्याओं को उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। हालांकि, लगातार संघर्ष के कारण यह मुद्दा अब जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के संज्ञान में जरूर आया है, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव अब भी नहीं दिख रहा है। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सभी किसानों से जाति, धर्म और राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर इस आंदोलन में भाग लेने की अपील की। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने बताया कि 22 अप्रैल को गयाजी में भी इसी तरह का प्रतिवाद मार्च आयोजित किया जाएगा।



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