इटली में कत्ल किए सिख के पिता का बड़ा बयान:गुरुद्वारा साहिब की प्रधानगी के चलते किया गया रजिंदर सिंह का कत्ल, गुरदासपुर के गांव दरगाबाद का रहने वाला था मृतक




शुक्रवार की रात इटली के गुरुद्वारा साहिब के बाहर कत्ल किए रजिंदर सिंह रम्मी के पिता मीडिया के सामने आए हैं। जिन्होंने कहा कि रजिंदर सिंह का कत्ल गुरुद्वारा साहिब की प्रधानगी को लेकर किया गया। बता दें, रजिंदर सिंह गुरदासपुर के गांव दरगाबाद का रहने वाला था।
48 वर्षीय रजिंदर सिंह के पिता पूर्व सरपंच अमरीक सिंह का कहना है कि वर्तमान में गुरुद्वारा साहिब के प्रधान चुने गए थे, वह रजिंदर सिंह के करीबी साथी थे। दूसरी पार्टी के लोग इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे कि रजिंदर सिंह या उनके किसी साथी का कमेटी पर दबदबा रहे।
पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को कई बार रोका था कि वह कमेटी के मामलों में दखल न दे, लेकिन वह सेवा भावना के कारण पीछे नहीं हटता था। अब दूसरी पार्टी के लोगों ने उसका कत्ल किया है। 24 साल से इटली में सैटल, गुरुद्वारा कमेटी का प्रधान भी रहा
रजिंदर सिंह के पिता ने बताया कि उनका बेटा पिछले लगभग 24 वर्षों से इटली का स्थायी निवासी था और उसका पूरा परिवार वहीं रहता था। रजिंदर सिंह वहां धार्मिक कार्यों में काफी सक्रिय थे और कई बार कोवो, बर्गमो, इटली के गुरुद्वारा साहिब माता साहिब कौर के प्रधान भी रह चुके थे। जिसके चलते कई लोग उससे रंजिश रखते थे। हत्या के पीछे गुरुद्वारा कमेटी की रंजिश
पिता अमरीक सिंह के अनुसार, वर्तमान में जो गुरुद्वारा साहिब के प्रधान चुने गए थे, वह भी रजिंदर सिंह के करीबी थे। दूसरी पार्टी के लोग इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे कि रजिंदर सिंह या उनके किसी साथी का कमेटी पर दबदबा रहे। पिता ने भावुक होते हुए कहा, उन्होंने अपने बेटे को कई बार रोका था कि वह कमेटी के मामलों में दखल न दे, लेकिन वह सेवा भावना के कारण पीछे नहीं हटता था। नगर कीर्तन के दौरान हुआ हमला
अमरीक सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन बैसाखी के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन निकाला जाना था। रजिंदर सिंह वहां संगत के लिए लंगर/प्रसाद लेकर गए थे। जैसे ही वह गुरुद्वारा साहिब से बाहर आए, उन पर गोलियां चला दी गईं। इस हमले में उनके एक साथी को भी गोली लगी और दोनों की जान चली गई।
टारगेट किलिंग की आशंका
बता दें, स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह कोई अचानक हुई लड़ाई नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई ‘टारगेट किलिंग’ हो सकती है। एक चश्मदीद ने बताया कि हमलावर भी भारतीय मूल का ही था और स्थानीय सिख समुदाय में जाना-पहचाना चेहरा था। बताया जा रहा है कि वह अक्सर गुरुद्वारा साहिब में आता-जाता रहता था। चश्मदीद ने बताया कि हमलावर द्वारा की गई फायरिंग में एक तीसरा व्यक्ति भी बाल-बाल बचा, गोलियां उसे छूते हुए निकल गईं। भारत नहीं लाया जाएगा शव
पिता अमरीक सिंह ने बताया कि रजिंदर सिंह का पंजाब लाना मुश्किल है। उसका पूरा परिवार अब इटली के कोर्वो में रहते हैं। पूरे परिवार का इस हालात में यहां आना मुश्किल है। इसलिए अपना परिवार ही वहां इटली जाएगा और रजिंदर की अंतिम रस्मों में शामिल होगा।
सरकार से वीजा की गुहार
गांव दरगाबाद में रजिंदर सिंह के पिता और उनके छोटे भाई की पत्नी रहते हैं। परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है कि उन्हें जल्द से जल्द इटली का वीजा दिलाया जाए, ताकि वे वहां जाकर अपने बेटे की अंतिम रस्मों में शामिल हो सकें और उसे अंतिम विदाई दे सकें।



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