ओरछा के रुद्राणी बुंदेली कलाग्राम में 23 से 27 अप्रैल तक पांच दिवसीय ‘राम महोत्सव 2026’ का आयोजन होने जा रहा है। बुधवार को महोत्सव के निदेशक राजा बुंदेला ने निवाड़ी में बताया कि इस बार की थीम ‘जन-जन के राम’ रखी गई है। इस पांचवें आयोजन में भारतीय संस्कृति, कला और अध्यात्म का संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव की शुरुआत 23 अप्रैल को श्री रामराजा मंदिर से रुद्राणी कलाग्राम तक निकलने वाली कलश यात्रा के साथ होगी। इस यात्रा में भजन मंडलियां और सांस्कृतिक दल शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में संत उमाकांतानंद सरस्वती, शिवांगी नंदगिरि और रमणयोगी जी महाराज जैसे प्रमुख संत मौजूद रहेंगे। शाम को पूजन, हवन और आरती के साथ उत्सव का आगाज होगा। ‘श्री राम पथ दर्शन’ झांकी होगी खास आकर्षण इस साल महोत्सव का सबसे मुख्य आकर्षण ‘श्री राम पथ दर्शन’ झांकी होगी, जिसमें भगवान राम के जीवन के अलग-अलग प्रसंगों को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। आयोजन में देश-विदेश के विद्वान और कलाकार हिस्सा लेंगे। दिनभर चलने वाले अकादमिक सत्रों और प्रवचनों के अलावा रामायण पर आधारित फिल्में भी दिखाई जाएंगी। साथ ही बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं और योग सत्र भी रखे गए हैं। हर रात सजेगी सांस्कृतिक महफिल महोत्सव में हर दिन रात 8 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसमें लोकगीत, बुंदेली नृत्य, नाटक और जादूगरों के शो आयोजित किए जाएंगे। राजा बुंदेला ने बताया कि इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है, लेकिन वे इसे पूरी तरह गैर-व्यावसायिक रखना चाहते हैं। इस आयोजन में प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन विभाग का भी सहयोग मिल रहा है। सनातन और रामायण की सीख घर-घर तक पहुंचाना लक्ष्य राजा बुंदेला के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को सनातन धर्म और रामायण की सही परिभाषा से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि रामायण एक ऐसा ग्रंथ है जो हर घर में पढ़ा जाता है और इसे समझना हर किसी के लिए जरूरी है। यह एक पारिवारिक आयोजन है जहां मनोरंजन के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
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