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बारां में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई गांवों में गेहूं की फसल 80 से 100 प्रतिशत तक नष्ट हो गई है। ग्राम रहलाई, लुहारिया, करनाहेडा और रामबिलास सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों को गंभीर क्षति पहुंचाई है। युवा जिला महामंत्री भानुप्रताप सिंह ने कहा कि कई किसानों के पास अब खाने के लिए भी अनाज नहीं बचा है, और वे पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं।
सूचना मिलने पर बारां के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने हल्का पटवारियों को फसल खराबे की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। किसान महापंचायत ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित गांवों को तत्काल आपदाग्रस्त घोषित किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के तहत कृषि आदान अनुदान (मुआवजा) जल्द से जल्द किसानों को देने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम का भुगतान शीघ्र करवाने और आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बैंक ऋण की वसूली को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की भी मांग की गई है।
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