जयपुर में ड्रीम क्रिकेट टैलेंट फाउंडेशन (डीसीटीएफ) द्वारा आयोजित कैप्टन ट्रॉफी सीजन-2 का शानदार और सफल समापन हुआ। इस क्रिकेट टूर्नामेंट में देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिससे प्रतियोगिता का स्तर बेहद रोमांचक रहा। टूर्नामेंट का आयोजन डीसीटीएफ की प्रबंध निदेशक रिधिमा कश्यप के नेतृत्व में किया गया, जबकि खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन मुख्य कोच रईश खान ने दिया। पूरे आयोजन का सफल संचालन दिलीप पंवार द्वारा किया गया। वहीं मैचों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आधिकारिक अंपायर मोहन चौधरी और अंशुल जाटव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान पुलिस से दिनेश पंवार, चेना राम और भरत जी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। टूर्नामेंट में कुल चार टीमों दिल्ली चैलेंजर्स, मुंबई रॉयल्स, जयपुर टाइटंस और लखनऊ वॉरियर्स ने भाग लिया। सभी टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, लेकिन ग्रैंड फाइनल में जयपुर टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली चैलेंजर्स को 5 विकेट से हराकर कैप्टन ट्रॉफी सीजन-2 का खिताब अपने नाम कर लिया। मंसूम सेख ने 50 रन की शानदार पारी खेली फाइनल मुकाबले में मंसूम सेख ने 50 रन की शानदार पारी खेलते हुए मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए अरुण सहरा को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया। उन्होंने कुल 224 रन बनाए और अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब भी जीता। गेंदबाजी में भूमित ने 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का सम्मान हासिल किया। वहीं केशव जोशी को 5 डिसमिसल्स के साथ सर्वश्रेष्ठ फील्डर चुना गया। सुमित दूदी को उभरते हुए खिलाड़ी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पैड्स, ग्लव्स, किट बैग, हेलमेट और जर्सी जैसी क्रिकेट किट भी दी गई। सबसे खास बात यह रही कि इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सिलेक्शन दुबई दौरे के लिए किया जाएगा, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। कैप्टन ट्रॉफी सीजन-2 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।
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