कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम खामा में वर्षों से संचालित सरकारी खरीदी केंद्र को अचानक 9 किलोमीटर दूर ग्राम घुघरा स्थानांतरित करने के निर्णय से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत सरपंच सुशील पाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार नितिन पटेल को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि ग्राम खामा का खरीदी केंद्र विगत कई वर्षों से सुचारू रूप से चल रहा था, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों को अपनी उपज बेचने में काफी सुविधा होती थी। इस वर्ष खरीदी प्रभारी द्वारा मनमाने ढंग से केंद्र को 9 किलोमीटर दूर ग्राम घुघरा में खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों के अनुसार, 9 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने से ट्रैक्टर और अन्य वाहनों का किराया बढ़ जाएगा, जिसका सीधा आर्थिक बोझ छोटे किसानों पर पड़ेगा। इसके अलावा, मंडी तक पहुंचने और कतार में लगने में किसानों का अधिक समय व्यर्थ होगा। अचानक केंद्र बदलने से नई जगह पर व्यवस्थाओं को लेकर भी किसान आशंकित हैं। किसान हित में नहीं फैसला ग्राम पंचायत सरपंच सुशील पाल ने प्रशासन को अवगत कराया कि यह निर्णय किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के वर्षों पुराने केंद्र को हटाना समझ से परे है। सरपंच पाल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही केंद्र को वापस ख़ामा में स्थानांतरित नहीं किया, तो किसान उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नितिन पटेल ने बताया कि इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को भी शिकायत प्राप्त हुई थी। तहसीलदार ने जानकारी दी कि अनुविभागीय अधिकारी के निर्देशानुसार फूड इंस्पेक्टर द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द से जल्द उचित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा न हो।
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