कांग्रेस राज में रिफाइनरी में देरी और भ्रष्टाचार के सीएम भजनलाल शर्मा के आरोपों पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार किया। गहलोत ने एक्स पर लिखा- रिफाइनरी के काम में भाजपा के कारण अनावश्यक देरी हुई। वहीं अब जल्दबाजी में उद्घाटन के प्रयास में हुई दुर्घटना से ध्यान भटकाने और असफलता छिपाने के लिए मुख्यमंत्री भ्रामक भाषण दे रहे हैं। उन्होंने कहा- घटना के दो दिन बाद भी आधिकारिक तौर पर यह जानकारी नहीं दी गई है कि दुर्घटना क्यों हुई? गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह बयान कि रिफाइनरी में राजस्थान सरकार की 26% भागीदारी पीएम नरेंद्र मोदी ने करवाई पूरी तरह असत्य है। उन्हें शायद जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26% भागीदारी 2013 में हुए शिलान्यास के समय से ही है। गहलोत ने लिखा- पचपदरा में रिफाइनरी के लिए भारत सरकार और एचपीसीएल ने तब यह शर्त रखी थी कि राज्य सरकार 26% हिस्सेदारी ले, तभी यहां रिफाइनरी बनाई जा सकती है। सामान्यतः रिफाइनरी में राज्य सरकार की हिस्सेदारी नहीं होती है, क्योंकि रिफाइनरी कई बार घाटे में चलती है। ऑयल कंपनियों के पास कई रिफाइनरियां होती हैं, जहां कहीं लाभ तो कहीं हानि होती है, जिससे उनकी भरपाई हो जाती है। राज्य की हिस्सेदारी होने पर घाटे का नुकसान राज्य को भी उठाना होगा, लेकिन इस शर्त के कारण राजस्थान को हिस्सेदारी लेनी पड़ी।
बीजेपी नेताओं को रिफाइनरी की एबीसीडी पता नहीं गहलोत ने कहा- मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की ‘एबीसीडी’ भी मालूम नहीं है। उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं। इसी प्रकार वे रिफाइनरी में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। 12 साल से केंद्र और सवा दो साल से राज्य में सरकार होने के बावजूद अभी तक इन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? नेता प्रतिपक्ष जूली बोले- भाजपा सरकार ने रिफाइनरी में रोड़े अटकाए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीएम के बयान पर पलटवार किया। जूली ने एक्स पर लिखा- ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26% हिस्सेदारी शिलान्यास के समय यानी 2013 से ही है। भाजपा सरकार ने तो केवल प्रदेश के विकास में रोड़ा अटकाने के लिए काम चार साल अटाकाया था। जूली ने लिखा- मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि सवा दो साल से सरकार होने के बावजूद घोटाले जैसे कोरे आरोप बचकाने लगते हैं। मुख्यमंत्री का काम ऐसे भ्रामक भाषण देकर जनता को गुमराह करना नहीं, बल्कि कार्रवाई करना है। इन आरोपों से वो केवल राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति कर रहे हैं। जनता सच जानती है।
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