मेयर सुषमा खर्कवाल ने गोवा के पणजी में डेवलेप्ड गोवा 2037 सम्मेलन में लखनऊ माॅडल पर बात रखी। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (AIILSG) द्वारा अपने 100वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मेयर ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा। जब देश के शहर मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था के 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने के अनुमान में शहरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि शहर ही आर्थिक गतिविधियों, रोजगार, नवाचार और निवेश के केंद्र बनते जा रहे हैं। लखनऊ में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा लखनऊ के अनुभव साझा करते हुए मेयर ने बताया कि राजधानी को वर्ष 2047 की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। लखनऊ-एससीआर” की अवधारणा पर कार्य हो रहा है, साथ ही ग्रीन कॉरिडोर, आउटर रिंग रोड कनेक्टिविटी और आधुनिक शहरी योजना के माध्यम से ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शहर में 2000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। मेयर ने कहा कि लखनऊ को जीरो वेस्ट सिटी बन चुका है और प्रतिदिन लगभग 2000 मैट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण हो रहा है। लेगेसी वेस्ट के निस्तारण के साथ ही भविष्य में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है। मेयर ने तकनीकी सत्र में भी रखी बात उद्घाटन सत्र में गोवा के ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय मंत्री आर.एम. धवलीकर, डायरेक्टर जनरल AIILSG जय राज पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें “अर्थव्यवस्था, सुदृढ़ता (रेजिलिएंस), पर्यटन और विरासत” विषय पर विस्तृत मंथन हुआ। इस सत्र में विभिन्न शहरों के विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की शहरी चुनौतियों व संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया
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