‘मेरी, मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र शर्मा और रौनक गुप्ता हैं। राजेन्द्र अब जयपुर (राजस्थान) में रहता है, जबकि रौनक डबरा का रहने वाला है। मैं मैच पर ऑनलाइन सट्टे में 20 लाख रुपए हार गया हूं। जिसमें रौनक ने डेढ़ लाख रुपए की बेइमानी की है। मेरी मौत के बाद मेरे यह रुपए रौनक से लेकर मेरी मां को दिलाए जाएं। मेरी मौत की खबर राजेन्द्र शर्मा को जरूर दे देना, वो प्रिया को बता देगा, जिससे मेरा बेटा मुखाग्नि दे सके। ’
47 वर्षीय रवि चौहान ने फांसी लगाने से यह सुसाइड नोट लिखा और हमेशा के लिए खामोश हो गया। घटना मंगलवार शाम सिकंदर कंपू गिरवाई थाना की है। जब उसकी वृद्ध मां घर पहुंची तो बेटा फांसी पर लटका हुआ था।
बिजलीघर के पास राजेन्द्र नाथ दुबे के मकान में 47 वर्षीय रवि चौहान उर्फ रवि ठाकुर अपनी वृद्ध मां आशा ठाकुर के साथ किराए से रहता है। वह दिसंबर 2025 से इसी मकान में रह रहा था। रवि शादी शुदा था, लेकिन उसकी नशे और ऑनलाइन मैच सट्टे की लत के चलते उसकी पत्नी प्रिया उसे कुछ समय पहले छोड़कर चली गई थी। साथ में अपने बेटे को भी ले गई थी। मंगलवार को रवि घर में अकेला था। शाम को जब मां बाहर से लौटी तो उसने देखा कि अंदर कमरे में रवि फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। रवि की मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर मकान मालिक, उसका बेटा व आसपास के लोग वहां पहुंचे। मकान मालिक ने तत्काल रवि को फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
घटना स्थल से मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने जब घटना स्थल पर पहुंचकर छानबीन की तो रूम से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें रवि ने खुदकुशी से पहले का जो दर्द था वो बंया किया है।
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