ट्रेनों में बेवजह चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाओं से समय-सारणी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। यात्रियों की इस लापरवाही के कारण हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, भारतीय रेलवे के आसनसोल रेल मंडल ने इस पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। मरीजों के इलाज में होती देरी रेलवे द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कई यात्री अपने स्टेशन पर उतरने या ट्रेन छूटने के डर से अलार्म चेन खींच देते हैं। हालांकि, इसका असर केवल एक ट्रेन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पीछे आने वाली कई ट्रेनों की गति भी बाधित होती है। इससे यात्रियों की यात्रा प्रभावित होती है, परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट सकती है, मरीजों के इलाज में देरी होती है और नौकरीपेशा लोगों का समय बिगड़ जाता है। “ऑपरेशन समय पालन” के तहत निगरानी इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए “ऑपरेशन समय पालन” के तहत लगातार निगरानी रखी जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान, आसनसोल मंडल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चेन पुलिंग के आरोप में कुल 1,455 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस अवधि में 1,484 मामले दर्ज किए गए और दोषियों से 8.78 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत, बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचना एक दंडनीय अपराध है। इस अपराध में दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल या एक हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बार-बार यह गलती करने वालों को तीन महीने तक की सख्त सजा भी दी जा सकती है। अलार्म का उपयोग आपातकालीन स्थितियों में करें रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अलार्म चेन का उपयोग केवल आपातकालीन स्थितियों में ही करें, जैसे कि आग लगना, किसी की जान को खतरा होना या कोई गंभीर अपराध। इसे व्यक्तिगत सुविधा के लिए इस्तेमाल करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह अन्य यात्रियों के लिए परेशानी और जोखिम भी पैदा करता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की थोड़ी सी समझदारी और जिम्मेदारी से न केवल ट्रेनों की समय-सारणी बेहतर हो सकती है, बल्कि सभी के लिए सुरक्षित और सुगम यात्रा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
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