छिंदवाड़ा में मोआरी खदान को मिली हरी झंडी:वेकोलि को 255 हेक्टेयर भूमि मंजूर, सांसद बंटी साहू बोले- छिंदवाड़ा की चमक लौटाएंगे




छिंदवाड़ा के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मोआरी कोयला खदान के लिए वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) को 255.177 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति को जिले में कोयला उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सांसद विवेक बंटी साहू ने इसे अपनी पहल का परिणाम बताते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर नई खदानों को मंजूरी देने की मांग की थी। इसके अलावा भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस संबंध में चर्चा की गई थी। पूर्व सीएम पर साधा निशाना खदान को मंजूरी मिलने के बाद सांसद साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जनप्रतिनिधि रहने के बावजूद नई कोयला खदानें शुरू कराने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। उनके अनुसार, पूर्व कार्यकाल में खदानें खुलने के बजाय बंद हुईं। साहू ने कहा, “उनका कार्यकाल 45 साल का रहा, जबकि हमारा सिर्फ दो साल का है। छिंदवाड़ा की पहचान कोयले से है और हम उसकी खोई हुई चमक वापस लाकर रहेंगे।” आगे भी खुलेंगी नई खदानें सांसद ने दावा किया कि आने वाले समय में जिले में और भी नई कोयला खदानें शुरू की जाएंगी, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में सीएम राइज स्कूल और उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वीकृति मिली है। साथ ही सावनेर-छिंदवाड़ा और छिंदवाड़ा-सिवनी फोरलेन सड़क परियोजना पर भी तेजी से काम होगा। इन परियोजनाओं में करीब 2500 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं। कुल मिलाकर, मोआरी खदान की मंजूरी को छिंदवाड़ा के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।



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