जमुई से भाजपा विधायक और पूर्व खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में पारित न किए जाने को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपनी राजनीतिक चालों से महिलाओं के अधिकारों को कमजोर किया है। श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल राजनीतिक भागीदारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान करता। उनके अनुसार, ऐसे महत्वपूर्ण कानून को रोकना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा झटका है। एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था यह कानून – श्रेयसी सिंह उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। खेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने इस विधेयक को पारित कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता दिखाई थी। श्रेयसी सिंह ने जोर देकर कहा कि यह कानून महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था। उन्होंने विशेष रूप से महिला नेताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में आगे आएं। ”ऐसे प्रयासों को फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा” उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा करने का है। श्रेयसी सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में ऐसे प्रयासों को फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि महिलाएं देश की राजनीति में मजबूत भूमिका निभा सकें।
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