जैसलमेर के जिला उपभोक्ता आयोग ने एक नामी कोल्ड ड्रिंक कंपनी (माजा) पर बड़ी कार्रवाई की है। सीलबंद बोतल के अंदर प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने पर आयोग ने कंपनी को दोषी माना और कुल 2.50 लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। दरअसल, मामला जैसलमेर शहर के ढिब्बा पाड़ा इलाके का है। यहां रहने वाले तुषार पुरोहित ने 16 जुलाई 2025 को स्थानीय दुकानदार ‘शिवम मार्केटिंग’ से माजा कोल्ड ड्रिंक की एक पूरी केरेट खरीदी थी। जब उन्होंने बोतलें चेक कीं, तो एक सीलबंद बोतल के अंदर प्लास्टिक या पॉलीथिन जैसा कुछ तैरता हुआ दिखाई दिया। तुषार ने इसे कंपनी की बड़ी लापरवाही माना और इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता आयोग में कर दी। कम्पनी की सफाई को कोर्ट ने किया खारिज सुनवाई के दौरान उपभोक्ता के वकील प्रथमेश आचार्य ने वह सीलबंद बोतल आयोग के सामने पेश की। जब आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गोड ने बोतल को देखा, तो उसमें गंदगी साफ नजर आ रही थी। कंपनी की ओर से सफाई देने की कोशिश की गई, लेकिन आयोग ने उसे खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि इतनी बड़ी और इंटरनेशनल कंपनी होने के बावजूद, पीने वाली चीजों की क्वालिटी में ऐसी गलती जानलेवा हो सकती है। कम्पनी पर लगाया 2.50 लाख जुर्माना उपभोक्ता आयोग ने अपना फैसला सुनाते हुए कंपनी पर तगड़ा जुर्माना लगाया है। मानसिक परेशानी और हर्जाने के तौर पर उपभोक्ता (तुषार) को 40,000 रुपए मिलेंगे। कानूनी लड़ाई में हुए खर्च के तौर पर उपभोक्ता को 10,000 रुपए दिए जाएंगे। 2 लाख रुपए की राशि कंपनी को ‘राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष’ में जमा करानी होगी, क्योंकि यह मामला पब्लिक हेल्थ से जुड़ा था। “उपभोक्ताओं की जीत है यह फैसला”- वकील परिवादी के वकील प्रथमेश आचार्य ने बताया कि यह फैसला उन सभी कंपनियों के लिए सबक है जो क्वालिटी कंट्रोल में ढिलाई बरतती हैं। उन्होंने कहा, “खाने-पीने की चीजों में मिलावट या गंदगी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। यह फैसला आम आदमी के अधिकारों की जीत है।” यदि आपके साथ भी ऐसा हो तो क्या करें?
Source link