जोधपुर में परशुराम जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। इसमें विप्र ब्राह्मण संगठनों के काफी समाजबंधुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के संयोजक विक्रम उपाध्याय ने बताया- शहर के घंटाघर से शोभायात्र शूरू होकर शहर के भीतरी क्षेत्रों से होते हुए जालोरी गेट पहुंच कर विसर्जित हुई। पूरे रास्ते विप्र बंधु बैंड व डीजे की सुमधुर गीतों पर नाचते हुए चले। आयोजन समिति मार्गदर्शक नथमल पालीवाल ने बताया कि सभी ने परशुरामजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। शोभायात्रा में सर्वसमाज के लोगों ने भागीदारी निभाई। महासचिव जितेन्द्र गौड व समन्वयक दीपक गौड़ ने बताया कि तेज धूप व गर्मी के बावजूद शोभायात्रा में जोश नजर आया। भीतरी शहर में व्यापारी संगठनों व शहरवासियों ने पुष्प वर्षा कर शीतल पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाए भी शामिल हुईं। सहसंयोजक छगन पालीवाल व सह समन्वयक देवेंद्र पुरोहित ने बताया कि सुबह गौशाला में सेवा कार्य करके परशुराम सर्किल पर धार्मिक कार्यक्रम हुए।
भगवान परशुराम के पदचिन्ह पर चलना धर्म का मार्ग अपनाना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ पूर्व महापौर घनश्याम ओझा ने कहा कि भगवान परशुराम के पदचिन्हों पर चलना यानी साहस, वीरता, और धर्म का मार्ग अपनाना है। वे शस्त्र और शास्त्र के अद्भुत संगम, अन्याय के विनाशक और समाज में ज्ञान-शक्ति के संरक्षक माने जाते हैं। उनके पदचिह्नों पर चलने के लिए, हमें अन्याय के खिलाफ निर्भीकता से आवाज उठाने, सनातन धर्म की रक्षा करने, और ज्ञान व तपस्या के साथ कर्मशील बने रहने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान परशुराम ब्राह्मण समाज के आराध्य तो हैं, लेकिन उनका व्यक्तित्व केवल एक जाति तक सीमित न होकर, ज्ञान और शक्ति के अनूठे संगम के रूप में प्रतिष्ठित है। ये हुए शामिल
इस मौके पर नरेश जोशी डॉ मनोज शर्मा गोविंदा अवस्थी कमल जोशी कन्हैयालाल पारीक, जगत नारायण जोशी , दीपक व्यास माधव प्रकाश जाजड़ा दुष्यंत नव नारायण शर्मा विजय राज गौड राजेश सेनीवाल मोहन पालीवाल मुकेश शर्मा महेश सारस्वत हितेश व्यास नरेश पारीक भीखम चंद कैलाश शर्मा राजेश शर्मा जय किशन पंचारिया कैलाश गौड प्रकाश रानजा नवरत्न गौड अमृत गॉड कविता गॉड अनीता शर्मा बुलबुल गॉड कामिनी शर्मा कुमकुम शर्मा सुभाष गॉड मुरली गौड टीकम गौड राजबाला चांदोरा विक्रम शर्मा अर्जुन छंगाणी जसोदा गॉड निर्मला दाधीच वीणा जोशी पदमा गॉडश्रीकांत गौड रागिनी शर्मा सीमा शर्मा पंडित ललित शर्मा सहित अनेक अनेक समाज के कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। वहीं, कुङी भगतासनी हाऊसिंग बोर्ड के ब्राह्मण समाज के द्वारा भगवान श्री परशुराम के जन्मोत्सव पर विशाल रैली का आयोजन किया गया। इसको राजस्थान ब्राहमण महासभा के पूर्व अध्यक्ष कन्हैयालाल पारीक ने भगवान परशुराम की पूजा अर्चना कर रैली को झन्डी दिखाकर रवाना किया। जयघोष के नारे लगाते हुये रवाना हुए रैली घन्टाघर जाकर मुख्य रेली मे सम्मिलित हो गई, जो घंटाघर से रवाना की जानी थी। फिर रैली सीरे बाजार, कटला बाजार खांडा फ़लसा होते हुए जालोरी गेट पर जाकर समाप्त हुई। कन्हैया लाल पारीक ने जालोरी गेट पर सभी विप्र बंधुओं को एकता और यूजीसी जैसे मुद्दों पर एक होकर ,इस काले कानून को वापस लेने की बात कही, कन्हैयालाल पारीक ने कहा की सनातन धर्म को बचाने की मुख्य भूमिका ब्राह्मण समाज की ही है।
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