इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से तय विधि मामले में पुलिस विभाग द्वारा विपरीत आदेश पारित करना न केवल ऐसा आदेश अवैध है अपितु यह अवमाननाकारी भी है। कोर्ट ने डी सी पी पुलिस मुख्यालय आगरा व प्रमुख सचिव गृह लखनऊ से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और पूछा है कि किन परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत आदेश पुलिस विभाग से लगातार पारित किए जा रहे हैं। याचिका की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने हरगोविंद सिंह यादव की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। जानिये क्या है मामला याची का कहना था कि पुलिस विभाग ने वर्ष 2008 मे याची के गलत वेतन निर्धारण किये जाने के आधार पर पेंशन में कटौती की है जो 16 जनवरी 2007 के शासनादेश व सुशील कुमार सिंघल केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का खुला उल्लघंन है। जिसमें कहा गया है कि रिटायर होने के 13 साल पहले किए गये गलत वेतन निर्धारण के आधार पर सेवानिवृत्ति में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा अकसर ऐसे आदेश के खिलाफ याचिकाएं आ रही। ऐसे आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लघंन है।
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