कोटा के थर्मल प्लांट में एक भालू ने कर्मचारी पर रविवार देर शाम को हमला कर दिया। गनीमत रही कि कर्मचारी हमले में बाल बाल बच गया, हालांकि उसके छाती, पीठ में मामूली चोट आई है, लेकिन यह घटना थर्मल में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खडे़ कर रही है। मामले के अनुसार कुन्हाड़ी निवासी नितिन मिश्रा (38) थर्मल पॉवर प्लांट में यूनिट दो के फायरिंग प्लांट में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। नितिन ने बताया- रविवार देर शाम को मैं ऑपरेटर रूम से कैटिंन में चाय पीने के लिए गया था। चाय पीकर वापस लौट रहा था, इसी दौरान पीछे से भालू ने मुझ पर हमला कर दिया। मेरी पीठ पर जोर से प्रहार हुआ। मैं पीछे मुड़ा तो भालू ने फिर से पंजो और मुंह से हमला किया। जिससे छाती और पीठ पर चोट लगी। मैनें शोर मचाना शुरू किया और वहां से भागा। इसी दौरान एक दो कर्मचारी भी उधर से आ रहे थे, वह दौड़कर आए और शोर मचाकर व पत्थर फेंककर भालू को भगाया। इसके बाद स्टाफकर्मियों ने नितिन को कुन्हाड़ी के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। जहां उसका प्राथिमक उपचार किया गया है। उसे रेबीज और टिटनेस के टीके लगाए गए हैं। नितिन ने बताया कि उसकी रीढ़ की हडडी में चोट लगी है, उसमें काफी दर्द है। आए दिन यहां वन्य जीव नजर आते हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं है। आए दिन नजर आते है भालू
थर्मल पॉवर प्लांट के पास काफी वन्य एरिया है। ऐसे में प्लांट में आए दिन भालू और तेंदुए नजर आते है। कई बार कर्मचारियों ने इसके वीडियो फोटो बनाए, अधिकारियों को भी अवगत करवाया। हमले का शिकार हुए नितिन ने बताया कि यहां कई मजदूर, कर्मचारी काम करते है। ऐसे में अगर बिना सुरक्षा के ऐसे ही मजदूरों से काम करवाया जाता रहा तो किसी दिन वन्य जीव की वजह से कोई बड़ा हादसा भी यहां हो सकता है। सुरक्षा को लेकर किए थे आदेश जारी
पॉवर प्लांट एरिया में आए दिन तेंदुआ, भालू व अन्य वन्यजीवों के मूवमेंट को देखते हुए राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के संयुक्त निदेशक कार्मिक हरिओम अवस्थी की तरफ से एक परिपत्र भी जारी किया गया था। 9 अप्रैल के इस परिपत्र में सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए थे। जिसमें शाम के बाद प्लांट के अंधेरे वाले स्थानों और जंगल क्षेत्र में नहीं जाने, जरूरी काम से अंधेरे वाले इलाके में जाने के लिए कवर्ड चौपहिया वाहन या दो तीन कर्मचारियों के समूह में जाने, सभी कर्मचारियों को चौकस रहकर काम करने, वन्य जीव नजर आने पर आस पास के कर्मचारियों को सूचित करने और पास के ऑफिस में सूचना देने, नाइट डयूटी में ओपर एरिया में नहीं सोने के साथ साथ वन्य जीव के फोटो वीडियो सोशल मीडिया या मीडिया में नहीं देने के निर्देश जारी किए गए।
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