थानेदार ने महिला से कहा मैंने आपको देख रखा है:महिला बोली मैं बदली नहीं हूं, आपने देख रखा होगा, पेयजल संकट पर लोगों ने घेरा




अलवर शहर में मंगलवार सुबह वार्ड 12 में पेयजल संकट हुआ तो होली ऊपर व कुम्हार पाडी सहित आसपास के मोहल्ले के महिला-पुरुष लादिया फील्ड सप्लाई प्वाइंट पर विरोध करने पहुंच गए। यहां अखैपुरा थाना प्रभारी महेश तिवाड़ी ने एक महिला से कहा कि मैंने आपको देख रखा है। तभी महिला ने जवाब दिया कि देख रखा होगा। मैं बदली नहीं हूं। आगे बदलूंगी भी नहीं। फिर थानेदार ने बोला कि जैसा ऊपर वाले ने बना दिया वैसा ही रहेगा आदमी। इस तरह पानी के संकट पर महिलाएं पुलिस से भिड़ने को तैयार हो गई। हालांकि बाद में पुलिस व आमजन में सहमति बनी और विरोध करने वाले लोगों के इलाके में पानी की सप्लाई छोड़ी गई। उसके बाद मामला शांत हुआ। उससे पहले काफी देर तक जलदाय विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से भी बहस हुई। महिलाओं ने खूब विरोध किया। काफी लोगों की भीड़ ने अधिकारियों का घेराव कर लिया था। वार्ड के निवासी गौरव शर्मा ने बताया कि लादिया फिल्ड से वार्ड 12 व 19 पानी की सप्लाई होती है। अलवर शहर के वार्ड 12 में पानी की किल्लत हमेशा रहती है। वार्ड 12 में होली ऊपर, कुम्हार पाड़ी सहित अन्य हिस्सों में 4 से 5 दिन में पानी आता है। वह भी पूरा नहीं आ रहा है। जिसके कारण मंगलवार सुबह लोग लादिया पानी की सप्लाई प्वाइंट पर पहुंच गए। सबने उनके क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं होने का विरोध किया। पुलिस के आने के बाद जलदाय विभाग ने वार्ड 12 के क्षेत्र में पानी की सप्लाई की। उसके बाद मामला शांत हुआ। महेश कुमार ने बताया कि वार्ड 19 में पानी की सप्लाई ठीक होती है। वहां पानी की किल्लत नहीं रहती है। वार्ड 18 पूर्व महापौर घनश्याम गुर्जर का वार्ड है। जबकि वार्ड 12 भी उससे लगता क्षेत्र है। यहां पानी की सप्लाई कम होती है। पहले दो दिन में करीब एक घंटे से अधिक सप्लाई हो जाती थी। लेकिन अब तो 3 दिन में कभी चार तो कभी 5 दिन में पानी आता है। वह भी पूरा नहीं आता है। जिसके कारण आमजन के लिए पानी का संकट बढ़ गया। घरों में पानी नहीं आया तो लोग लादिया प्वाइंट पर आ गए। यहां सबने विरोध किया। बाद में पुलिस के आने पर मामले को सामने रखा। उसके बाद वार्ड के 12 के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई की गई। आगे तय समय पर सप्लाई करने का आश्वासन दिया गया।
इस मामले में अखैपुरा थाना प्रभारी महेश तिवाड़ी का कहना है कि महिला को पहले भी एक दो बार अलग-अलग मामलों में अग्रेसिव देखा गया था। तब उनको समझाया था कि आसानी से बात करना ठीक रहता है। वार्ड में पानी की सप्लाई का मामला था। पहले वार्ड 12 में पानी छोड़ने को बोल रहे थे। फिर उनके वार्ड में पानी छुड़वाया गया। आमजन का मानना था कि पहले उनके वार्ड में पानी छोड़ा जाएगा तो आखिरी छोर तक जा सकेगा।



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