किशनगंज में शनिवार देर शाम अनुमंडल कार्यालय परिसर में एक लाल रंग की थार गाड़ी और तीन व्यक्तियों को सदर थाना लाया गया। पुलिस ने वाहन और पकड़े गए तीनों लोगों का सत्यापन किया। यह कार्रवाई पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़े एक मामले में की गई। पूर्व एसडीपीओ ने ऑफिस में लगवाया था एसी एसपी संतोष कुमार ने बताया कि पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार द्वारा अपने कार्यालय में निजी एसी लगाए जाने की बात सामने आई थी। इस एसी को हटाने के लिए एसडीपीओ मंगेश कुमार सिंह को सूचित किया गया था। हालांकि, पुलिस को यह जानकारी नहीं थी कि संबंधित लोग किस समय आएंगे। देर शाम अनुमंडल कार्यालय में थार वाहन और कुछ लोगों के पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। वाहन और तीनों व्यक्तियों को सदर थाना लाया गया, जहां उनका सत्यापन किया गया। सत्यापन में पता चला कि दो व्यक्ति पूर्णिया के और एक किशनगंज जिले का निवासी है। तीनों के खिलाफ कोई आपराधिक सबूत नहीं मिला तीनों के खिलाफ पूर्व में किसी आपराधिक गतिविधि का कोई सबूत नहीं मिला है।इसी बीच, रविवार को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार किशनगंज सदर थाना पहुंचे थे। गौरतलब है कि 31 मार्च को किशनगंज के तत्कालीन एसडीपीओ-1 गौतम कुमार (जो वर्तमान में निलंबित हैं) के 6 ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में तलाशी-छापेमारी की थी। इन ठिकानों में उनका सरकारी आवास, पूर्णिया स्थित ससुराल और पटना शामिल थे। मामले में आय से अधिक संपत्ति का हुआ था खुलासा इस छापेमारी में बंगाल के सिलीगुड़ी, सिक्किम के गंगटोक सहित बिहार के कई बड़े शहरों में जमीन, फ्लैट और करोड़ों की आय से अधिक एवं बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था। इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा तत्कालीन एसडीपीओ गौतम कुमार को पद से हटाकर बिहार पुलिस मुख्यालय में क्लोज किया गया था, और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
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