उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन किया। थ्रेसर मशीन हादसे में उखड़ी सिर की त्वचा को ’ट्रांसपोज़िशन फ्लैप’ तकनीक से जोड़ दिया। 40 वर्षीय मरीज थ्रेसर मशीन की चपेट में आने से गंभीर घायल हो गया था। जिससे उसके सिर की त्वचा उखड़ गई थी। डॉक्टरों ने इसे (स्कल्प एवल्शन) ट्रांसपोज़िशन फ्लैप तकनीक से जोड़ दिया। स्वस्थ ऊतकों को सावधानीपूर्वक किया ट्रांसफर प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि घाव के पास वाले हिस्से से स्वस्थ ऊतकों (ज्पेनमे) को सावधानीपूर्वक स्थानांतरित किया गया। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि यह प्रभावित क्षेत्र में खून की आपूर्ति को निरंतर बनाए रखती है, जिससे घाव जल्दी भरता है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि अब ऐसी अत्याधुनिक और महंगी प्लास्टिक सर्जरी की सुविधाएं सरकारी योजनाओं के तहत मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को अहमदाबाद या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं है। इसमें अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर, सर्जरी टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. उदिता नैथानी, डॉ. खेमराज मीणा की भूमिका रही।
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