विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो एक्ट) ने एक मासूम बालिका से हुई दरिंदगी के मामले में तुरन्त न्याय करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) की सजा सुनाते हुए समाज में कड़ा संदेश दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने दोषी पर कुल 1,90,000 रुपये का भारी अर्थदण्ड भी लगाया है। विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भाम्बू ने बताया कि यह प्रकरण पुलिस थाना नवलगढ़ से संबंधित था। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को मजबूती से साबित करने के लिए न्यायालय के समक्ष कुल 27 गवाहों के बयान करवाए गए और 104 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। एडवोकेट भाम्बू ने बताया कि साक्ष्यों की कड़ियां इतनी सटीक थीं कि दोषी को उसके किए की कड़ी सजा मिली। यह था पूरा मामला लोक अभियोजक के अनुसार, घटना 05 मई 2025 की है। पीड़िता की माता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, वे जयपुर से एक धार्मिक कार्यक्रम सुनकर रात्रि करीब 11:30 बजे नवलगढ़ पहुँचे थे। वहाँ खड़ा आरोपी उन्हें घर छोड़ने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर ले गया। रास्ते में पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर उसने परिजनों को उतार दिया और मासूम बच्ची को जबरन अपने साथ लेकर फरार हो गया। इसके बाद उसने बच्ची के साथ गंभीर प्रकृति का लैंगिक अपराध कारित किया और उसे रास्ते में छोड़कर भाग गया। विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भाम्बू ने बताया कि अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं कराने पर दोषी को अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
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