पंचायत ने किया बहिष्कार, शादी से पहले थाने पहुंचा परिवार:बोले- हमारे बच्चों की बिंदौरी में गांव से कोई नहीं आया, तुगलकी फरमान से डरे लोग




जालोर में शादी से 1 दिन पहले परिवार थाने पहुंचा और पंचों के तुगलकी फरमान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाई-बहनों ने हाथों में लगी मेहंदी और शादी का कार्ड दिखाकर कहा- आज हमारी बिंदौरी निकाली जानी थी, लेकिन पंचों के खौफ के कारण गांव के लोग शादी में आने से डर रहे हैं। परिवार में भतीजे के लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के कारण पंचों ने पूरे परिवार का समाज से बहिष्कार कर दिया। पंचों ने फरमान दिया कि गांव में जो भी व्यक्ति हमारे घर शादी में शामिल होगा, उसे भी समाज से बाहर कर दिया जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मामला भीनमाल क्षेत्र के एक गांव का है। दरअसल, परिवार में में 20 अप्रैल को 2 बहनों और 21 अप्रैल को भाई की शादी होनी है। समाज से बाहर करने का निकाला फरमान
परिवार का आरोप है कि समाज के कथित पंच समरथाराम, दीपाराम, बाबुलाल, जगदीश, सोमताराम, सरदाराराम और मांगीलाल ने कथित रूप से अवैध पंचायत बुलाई थी। इसमें निर्णय लिया कि जो भी गांव का व्यक्ति हमारे घर शादी में शामिल होगा, उसे समाज से बाहर कर दिया जाएगा और उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मुकदमा वापस लेने का बना रहे दबाव मामले में पहले से ही भीनमाल थाने में मुकदमा दर्ज है, लेकिन इससे नाराज स्वयंभू पंच अब परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। लगातार धमकियां दे रहे हैं। शादी में गांव के किसी भी व्यक्ति के नहीं आने पर परिवार परेशान है। लिव-इन रिलेशनशिप विवाद से शुरू हुआ था मामला 26 अगस्त से परिवार के भतीजे के लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी मामले को आधार बनाते हुए पंचायत ने परिवार पर 31 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। उसका सहयोग करने और उसको घर बुलाने पर उसके बहनोई पर भी 4 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। कथित पंचायत ने भतीजे और एक रिश्तेदार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का-पानी बंद करने के आदेश दिए। भीनमाल थाना अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में पहले से पंचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है, पीड़ित पक्ष के थाने आने के बाद DSP शंकरलाल मंसूरिया जांच कर रहे हैं।



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