पेट्रोल के लिए लाइन में खड़ा युवक हुआ बेहोश:सिद्धार्थनगर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, पंपों पर अफरातफरी और हाईवे जाम




सिद्धार्थनगर में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की आपूर्ति को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को इटवा क्षेत्र के टिकुनिया चौराहे स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर एक युवक लंबी लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो गया। वह करीब 40 डिग्री सेल्सियस तापमान और तेज लू के बीच 2 से 3 घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह मोटरसाइकिल पर ही गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे संभाला, पानी पिलाया और छाया में ले जाकर उसकी हालत सामान्य करने की कोशिश की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद चर्चा तेज हो गई है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें यह घटना में ईंधन संकट की गंभीरता को साफ तौर पर उजागर करती है। सिद्धार्थनगर मुख्यालय, मधुकरपुर, इटवा, बढ़नी, शोहरतगढ़ और डुमरियागंज सहित कई इलाकों में लगभग हर पेट्रोल पंप पर एक जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। सुबह होते ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जहां लोगों को अपनी बारी के लिए 1 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। 80 पंपों पर ही पेट्रोल और डीजल उपलब्ध जिले में कुल 123 पेट्रोल पंप संचालित हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 80 पंपों पर ही पेट्रोल और डीजल उपलब्ध बताया जा रहा है। शेष 43 पंपों पर या तो आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है या फिर सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है। जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां भीड़ का दबाव इतना अधिक है कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई स्थानों पर लोग धूप में खड़े-खड़े चक्कर आने, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत कर रहे हैं। मधुकरपुर में हाईवे जाम होने की भी सूचना मिली है। नेशनल हाईवे तक जाम की स्थिति मुख्यालय के मधुकरपुर स्थित बालाजी पेट्रोल पंप पर हालात सबसे ज्यादा खराब नजर आए। यहां वाहनों की कतार इतनी लंबी हो गई कि नेशनल हाईवे तक जाम की स्थिति बन गई। कई किलोमीटर तक वाहन धीरे-धीरे रेंगते रहे और आम राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बारात से जा रही गाड़ियां भी इस जाम में फंस गईं, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई होने के बावजूद नियमित रूप से तेल नहीं दिया जा रहा। कुछ समय तक वितरण करने के बाद पंपों को बंद कर दिया जाता है और फिर 1 से 2 घंटे का अंतराल लिया जाता है। इस वजह से लाइन में खड़े वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है और भीड़ नियंत्रण से बाहर हो जाती है। लोगों का कहना है कि यदि लगातार सप्लाई दी जाए तो स्थिति इतनी खराब न हो।
वहीं इस पूरे मामले पर पूर्ती विभाग का कहना है कि जिले में किसी प्रकार की पेट्रोल-डीजल की किल्लत नहीं है। उनके अनुसार करीब 80 पेट्रोल पंपों पर दिन में नियमित रूप से सप्लाई की जा रही है और शेष पंपों पर भी शाम तक पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है और किसी तरह की समस्या नहीं है।
हालांकि जमीनी स्थिति प्रशासनिक दावों से अलग तस्वीर पेश कर रही है। तेज गर्मी, घंटों लंबी कतारें, हाईवे पर जाम और युवक के बेहोश होने की घटना ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। आम लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही आपूर्ति और प्रबंधन में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल जिलेभर में पेट्रोल-डीजल को लेकर बनी यह स्थिति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *