नालंदा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में आज नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सर्वांगीण विकास, केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और आम जनमानस की समस्याओं के निष्पादन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में पिछली कार्रवाई के अनुपालन की समीक्षा की गई, जिसके बाद जिलाधिकारी की ओर से पीपीटी के माध्यम से विभिन्न विभागों की वर्तमान स्थिति और उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। सांसद ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए स्थानीय मुद्दों और विकास की बाधाओं को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। उन्होंने मानसून से पूर्व जिले के सभी तटबंधों की मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। साथ ही, उन्होंने आगामी मलमास मेले के महत्व को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हावड़ा से राजगीर तक विशेष रेलगाड़ी के परिचालन का आश्वासन दिया। क्रांतिकारी बदलाव लाने पर जोर दिया बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने पर जोर देते हुए कहा कि नालंदा को कृषि का ‘मेगा हब’ बनाया जाएगा। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट जैसी उन्नत फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने और नूरसराय में कृषि मशीनों के निर्माण को उद्योग के रूप में विकसित करने की बात कही। किसानों के लिए संचालित ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पशुपालन के क्षेत्र में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे टोल-फ्री नंबर 1962 का व्यापक प्रचार करें ताकि पशुपालक निःशुल्क चिकित्सा सेवा का फायदा ले सकें। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव (इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी) और नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अस्पतालों में डॉक्टरों के रोस्टर डिस्प्ले और जांच सुविधाओं की स्वयं निगरानी करने का आग्रह किया। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 285 उच्च विद्यालयों में ‘नालंदा लाइव स्मार्ट क्लासेस’ शुरू की गई हैं। साथ ही, ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत 2 मई 2026 को आंगनबाड़ी के 16,460 बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विद्युत विभाग को कड़े निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कृषि फीडरों का काम समय पर पूरा करने और जर्जर तार व बांस-बल्ले हटाकर स्थाई पोल लगाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए हर सोमवार और शुक्रवार को सहायक अभियंता कार्यालयों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसी तरह, आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया गया कि विवाह के सीजन में गैस सिलेंडरों की किल्लत न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ‘ज्ञान भारतम’ परियोजना की भी सराहना की गई, जिसके तहत जिले की 12,000 पुरानी पांडुलिपियों और पुस्तकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। इस अवसर पर जिले के पुलिस अधीक्षक, पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री के प्रतिनिधि राजेंद्र प्रसाद, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष और सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क, बिजली और नल-जल योजना से जुड़ी समस्याओं को सदन पटल पर रखा, जिस पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया।
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