श्रीमाधोपुर के थोई क्षेत्र में एक निजी मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद गुरुवार रात से ही परिजन और ग्रामीण थोई सीएचसी की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक झोलाछाप डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाकर युवक की जान ले ली। मृतक की पहचान अजय सैनी (18) पुत्र रामनारायण सैनी, निवासी खागावाला नोहरा, तन दिवराला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अजय अपने पिता की मृत्यु के बाद परिवार का इकलौता सहारा था और कैटरिंग व मजदूरी करके घर चलाता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कैटरिंग टीम के साथ जाते समय बिगड़ी तबीयत परिजनों ने बताया- अजय दिवराला से कैटरिंग टीम के साथ होलियाकाबास जा रहा था। रास्ते में गुटखा खाने के बाद उसे चक्कर आने लगे और उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद साथियों ने उसे होलियाकाबास स्थित एक निजी मेडिकल व रिसर्च सेंटर पर पहुंचाया। निजी क्लिनिक पर इंजेक्शन और ड्रिप लगाई परिजनों का आरोप है कि मेडिकल सेंटर पर मौजूद व्यक्ति ने स्वयं को चिकित्सक बताकर अजय को इंजेक्शन लगाया और ड्रिप चढ़ाई। इसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। जब स्थिति गंभीर हुई तो कथित तौर पर 700 रुपये लेकर उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई और ऑक्सीजन की आवश्यकता बताई गई। मेडिकल संचालक पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने बताया कि जैसे ही अजय को बाहर ले जाया गया, मेडिकल संचालक दुकान बंद कर वहां से चला गया। इसके बाद युवक को तुरंत श्रीमाधोपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रोककर धरने पर बैठे ग्रामीण घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर थोई सीएचसी की मोर्च्युरी में रखवाया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने, आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, आर्थिक सहायता देने और मृतक की आश्रित मां को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। मामले को लेकर जांच प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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