बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें-सीडीपीओ:नवादा में पोषण पखवाड़ा पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रनिंग, ICDS विभाग ने किया आयोजन




नवादा के नरहट प्रखंड में आईसीडीएस विभाग ने पोषण पखवाड़ा के सफल क्रियान्वयन के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी मुद्दों पर जागरूक करना था, ताकि माताओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। बैठक की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) ज्योति सिन्हा ने की। यह कार्यक्रम आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम अधिकारी निरुपमा शंकर के निर्देशों पर आयोजित किया गया था। इस अवसर पर पिरामल प्रतिनिधि मंतोष कुमार, डॉस्ट फाउंडेशन से सूरज कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक राहुल कुमार, बीसीएम संजय कुमार, एफपीडब्ल्यू मंटू कुमार, बीसी सोनू कुमार और सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित थीं। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक में पोषण पखवाड़ा, मातृ एनीमिया, किशोरी स्वास्थ्य, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, एचपीवी वैक्सीन और सामुदायिक आधारित आयोजनों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने सभी कार्यकर्ताओं को पोषण पखवाड़ा से संबंधित गतिविधियों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि (एंट्री) सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मातृ एनीमिया पर गहन चर्चा हुई और कार्यकर्ताओं को संतुलित तथा आयरन युक्त आहार के महत्व पर जोर देने को कहा गया। बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह बच्चों में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को कम करने और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी गई। घर के बने पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। खाना बनाने वाली महिलाओं को समय पर और पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन ग्रहण करने की सलाह दी गई, ताकि पुरानी भ्रांति को दूर किया जा सके कि वे अंत में भोजन करें। सेविकाओं को आयरन सुक्रोज और एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर चर्चा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समुदाय, स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सामाजिक संगठनों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए खिलौने दान करने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे बच्चों के समग्र विकास में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, किशोरी स्वास्थ्य में सुधार, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान और एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *