बदायूं में कासगंज-दिल्ली इंटरसिटी ट्रेन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद के बीच शुरू हुई जुबानी जंग अब खुले टकराव में बदल गई है, जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष के शामिल होने से आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ गए हैं। दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग केंद्रीय राज्यमंत्री ने अपने स्तर पर की थी, जबकि सपा सांसद ने भी इस मुद्दे को संसद में उठाया था। 13 अप्रैल को ट्रेन का उद्घाटन हुआ, जिसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री ने सपा सांसद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा सांसद जनता को मुंह दिखाने लायक नहीं हैं, इसलिए वे उद्घाटन समारोह में नहीं पहुंचे। इसके जवाब में, सपा सांसद ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा, “बाबा साहब ने कहा था, ‘अधिकार छीने जाते हैं, भीख में नहीं मिलते।’ बदायूं की इंटरसिटी ट्रेन जनता के संघर्ष की जीत है, किसी मंत्री की खैरात नहीं!” उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा पर जनता के काम का ‘क्रेडिट’ लूटने का आरोप लगाया। सपा सांसद ने बदायूं की कुछ नाकामियों का भी उल्लेख किया, जिनमें मेडिकल कॉलेज की बदहाली, एचपीसीएल (HPCL) और मेंथा प्लांट में हुई हत्याएं, और जिले की चरमराई कानून-व्यवस्था शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि 10 साल की सरकार और 6 साल की सांसदी के बाद भी झोली खाली है, इसलिए दूसरों के काम पर मुहर लगाई जा रही है। सपा सांसद ने केंद्रीय राज्यमंत्री को चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती देते हुए कहा कि बदायूं की जनता और बाबा साहब के दिए वोट की चोट उनका भ्रम एक दिन में साफ कर देगी। उन्होंने अंत में कहा, “अब ‘श्रेय’ का नहीं, ‘हिसाब’ का वक्त है।”
जिलाध्यक्ष ने दी चुनौती
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने फेसबुक पर सपा सांसद को चुनौती दे डाली उन्होंने लिखा – देश के वंचितों के अधिकार लूट कर लंबे समय से एक परिवार विशेष को पोषित करने वाले,परिवारवादी संस्कृति के ध्वज वाहक,बदायूँ सांसद श्री आदित्य यादव जी के ट्वीट पर बहुत ही विनम्रता पूर्वक कहना चाहूंगा कि बदायूँ के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली बदायूँ से सीधी दिल्ली के लिए ट्रेन सेवा का भी वह खुले हृदय से स्वागत करने का साहस नहीं जुटा सके।
मौजूदा सांसद जवाब दें,कि 25 वर्ष से भी अधिक तक बदायूँ लोकसभा से समाजवादी पार्टी के सांसद रहने के बावजूद वे सब के सब समाजवादी पार्टी के पूर्व और मौजूदा सांसद आखिर बदायूँ की जनता के संघर्ष को नजर अंदाज क्यों करते रहे, क्यों उनकी प्राथमिकताओं में बदायूँ के मुकाबले सदैव सैफई प्रथम रहा और आज जब 25 वर्षों के मुकाबले बदायूँ में जन्मे व किसान के घर में पले-बढ़े भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद श्री बीएल वर्मा जी के कार्यकाल के 6 वर्ष,विकास के क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के सभी पूर्व सांसदों पर भारी पड़ रहे हैं,और बदायूँ की जनता इस विकासवादी संस्कृति का खुले दिल से स्वागत कर रही है तब सपा सांसद का बयान बदायूँ के प्रति उनके पूर्वाग्रह और संकुचित मानसिकता को दर्शाता है,
मैं आमंत्रित करना चाहूँगा उनको सार्वजनिक चर्चा के लिए कि वह गंगा एक्सप्रेसवे,बदायूँ,उझानी रिंग रोड,विभिन्न अंडरपास,अमृत योजना के अंतर्गत बदायूँ व उझानी रेलवे स्टेशनों का सौंदर्य करण, बरेली से मथुरा मार्ग को फोर लेन करने जैसी अनेकों-अनेक परियोजनाओं पर स्थान व समय वे तय कर लें।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस खुली चर्चा में भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों के द्वारा परिणामदायक व बदायूँ के विकास की परियोजनाओं के सामने पूरा समाजवादी पार्टी का घराना निरूत्तर हो जाएगा।
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