बलिया के बांसडीह कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सिपाही एक महिला को पीटता दिख रहा है। यह घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। जमीन विवाद की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची थी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बांसडीह थाने का सिपाही सुजीत कुमार महिला को हाथ और पैर से पीट रहा है। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने चाचा को पुलिस द्वारा ले जाने का विरोध कर रही थी और पूछ रही थी कि उन्हें क्यों ले जाया जा रहा है। पीड़िता पूजा पटेल, पुत्री रविंद्र पटेल, निवासी सारंगपुर, थाना कोतवाली बांसडीह, बलिया ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (SP) से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने एसपी को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, मौजा खरौनी में आराजी नंबर 45सं0 को लेकर सिविल कोर्ट बलिया में एक मुकदमा विचाराधीन है। पीड़िता ने बताया कि उनके विपक्षी विवादित जमीन पर जबरदस्ती निर्माण (खोप) कर रहे थे, जिसका उन्होंने अपने परिजनों के साथ विरोध किया। पीड़िता ने स्वयं 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुलाई थी, जिसने दोनों पक्षों को समझाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा और वापस चली गई। इसके बावजूद, विपक्षी ने थाने से पुलिस बुलाकर कथित तौर पर ‘सुविधा शुल्क’ देकर निर्माण कार्य करवा लिया। पीड़िता ने इसमें पुलिस प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने पूर्व योजना के तहत पीड़िता के चाचा राजेंद्र पटेल को थाने ले जाकर बंद कर दिया, उन्हें पीटा और एकतरफा कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया। जब पीड़िता ने पुलिस के सामने हाथ जोड़कर अपने चाचा को बेकसूर बताते हुए न ले जाने की प्रार्थना की, तो पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनकी बात अनसुनी कर दी और उन्हें लात-घूंसों से मारकर गंभीर चोटें पहुंचाईं। पीड़िता ने बताया कि वह वर्तमान में गर्भवती हैं। उन्होंने थाने जाकर कोतवाल से अपना मेडिकल परीक्षण कराने का अनुरोध किया ताकि जच्चा-बच्चा की स्थिति का पता चल सके, लेकिन उनकी बात को अस्वीकार कर दिया गया। आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें थाने से भगा दिया गया। पीड़िता ने सिपाही सुजीत कुमार पर लात-घूंसों से मारने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। घटना के समय विपक्षीगण भी मौके पर मौजूद थे और इसका सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है।
Source link