खगड़िया पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। यह घटना गोगरी थाना क्षेत्र में हुई, जहां डायल 112 की टीम ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक मासूम की जिंदगी को अंधकार में जाने से बचाया। बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी गई, 13 अप्रैल 2026 को डायल 112 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि जमालपुर स्थित चुड़ी गली के पुराने शिवालय मंदिर में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल वरीय पदाधिकारियों को सूचित किया और घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। तैयारियां चल रही थीं और रस्में भी शुरू हो चुकी थीं
मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि शादी की तैयारियां चल रही थीं और रस्में भी शुरू हो चुकी थीं। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की, दूल्हा साबन कुमार (28 वर्ष, निवासी डुमरिया बुजुर्ग, थाना परबत्ता) और उनके परिजनों को हिरासत में ले लिया। सभी को गोगरी थाना लाया गया। पूछताछ में लड़की और लड़के के परिजनों ने मंदिर में शादी कराए जाने की बात स्वीकार की। इस मामले में गोगरी थाना में कांड संख्या 114/26, दिनांक 14 अप्रैल 2026 के तहत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3, 9, 10 और 11 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी दल में पु०अ०नि० महेश भगत (डायल 112, गोगरी थाना) और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। इस पूरे मामले की निगरानी कर रहीं साक्षी कुमारी ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध और समाज के लिए घातक कुप्रथा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खगड़िया पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें
डीएसपी साक्षी कुमारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें और कानून का पालन करें। साथ ही उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि यदि कहीं भी बाल विवाह जैसी घटना की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। खगड़िया पुलिस की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है और इसे सामाजिक सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
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