बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में पहले 21 अप्रैल की रात उमेश सोमनाथ/उमेश सोभनाते उर्फ गोलू की लाश सावंगी रोड पर संदिग्ध हालत में मिली थी, अब उसी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ा राज सामने लाया है—हत्या की वजह सिर्फ “मां से बात करना” बनी, और इस वारदात को 7 नाबालिगों ने अंजाम दिया। गौरतलब है कि शुरुआती खबर में सामने आया था कि उमेश रात में खाना खाने के बाद घर से निकला था और कुछ लोगों द्वारा उसे बुलाकर ले जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिला था, जहां उसके पेट और गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बेटों ने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की
अब पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह और भी हैरान करने वाला है। मुख्य आरोपी और उसका सगा भाई मृतक के उनकी मां से बातचीत करने से नाराज थे। उन्होंने पहले भी उमेश को घर आने-जाने और बातचीत बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन जब बात नहीं मानी गई तो उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत मुख्य आरोपी उमेश को घर से बहाने से बुलाकर सावंगी रोड पर सुनसान जगह ले गया, जहां पहले से 5 अन्य नाबालिग साथी मौजूद थे। वहां दोबारा विवाद हुआ और गुस्से में आकर मुख्य आरोपी ने चाकू से उमेश के पेट और गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जबकि बाकी आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया। वारदात के बाद सभी आरोपी उसे मौके पर ही घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए, जिससे उसकी मौत हो गई। 7 नाबालिग हिरासत में लिए गए
गठित टीम ने सीसीटीवी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर महज 24 घंटे में सभी 7 नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
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