भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर मेड़ता में ऐतिहासिक कार्यक्रम:राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व्यास बोले- समाज के बुलावे पर हर शख्स आगे आए, अपनी शक्ति का परिचय दें समाज




मीरा नगरी मेड़ता में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर विप्र समाज की ओर से एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुलदीप व्यास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। अपने संबोधन में कुलदीप व्यास ने समाज को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा- अब समय बदल चुका है और केवल संख्या के आधार पर आगे बढ़ना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद प्रतिभाओं और क्षमताओं को सामने लाने की जरूरत है। व्यास ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी समाज उन्हें बुलाए, वे सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने सांभर में आयोजित एक कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ब्राह्मण समाज के सभी घटक एक साथ उपस्थित रहे, जो एकता का मजबूत संदेश है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी एकजुटता होती है और इसे बनाए रखना जरूरी है। ‘सर्वहित की सोच है विप्र समाज की पहचान’ कार्यक्रम में राजस्थान ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष जगदीशनारायण शर्मा ने कहा- विप्र समाज हमेशा से ही मार्गदर्शक की भूमिका में रहा है। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान उसके संस्कार, आध्यात्मिक ज्ञान और विद्वता से होती है। साथ ही, सभी के हित में कार्य करने की सोच ही उसे अन्य समाजों से अलग बनाती है। मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने भी कार्यक्रम में शिरकत करते हुए भगवान परशुराम जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं और समाज की एकजुटता की सराहना की। 86 से अधिक प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, भव्य स्वागत और शोभायात्रा कार्यक्रम के दौरान विप्र समाज की 86 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इससे पहले कुलदीप व्यास के मेड़ता आगमन पर समाज की ओर से पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि कुलदीप व्यास, जिलाध्यक्ष जगदीशनारायण शर्मा और विधायक लक्ष्मणराम कलरू का 11 किलो की माला पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम से पूर्व व्यास समाज द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भी बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल हुए। इस अवसर पर श्यामसुंदर सोमाणी, मच्छराज सिखवाल, मोहनराज उपाध्याय, दशरथ सारस्वत सहित कई गणमान्य अतिथि और समाज के लोग उपस्थित रहे।



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