जनप्रतिनिधियों और आईएएस अफसरों की मीटिंग पर मीटिंग। तब भी ग्वालियर की मुख्य और आंतरिक सड़कों को बनाने का शुरू नहीं हो पाया है। 15 करोड़ रुपए की लागत की 23 सड़कों को मंजूरी, वर्क आर्डर होने के बाद भी ठेकेदार काम शुरू नहीं कर रहे हैं। इस कारण गड्ढों के बीच से वाहनों के निकले की जंग जारी है। कहीं सीवर लाइन डालने की बात कर पीएचई अफसरों ने सड़क को रोका है, तो कहीं पर सकरा मार्ग और पहाड़ी के कारण रोलर-पेवर मशीन नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में डामर की सड़क के स्थान पर सीमेंट कांक्रीट की रोड बनाने के लिए मामला अटका हुआ है। निगम ने ऐसी 77 सड़कों की पहचान की है। उनमें से 23 सड़कें ऐसी सामने आई है। जहां पर ठेकेदार काम लेने के बाद भी सड़कें नहीं बना रहे हैं। ये स्थिति डेढ़ साल से बनी हुई है। इन्हीं में 15 सड़कें टेंडर खुलने के बाद सवा महीने तक मेयर इन काउंसिल (एमआईसी)के फैसले के इंतजार में लटकी रही है। हालांकि एमआईसी की स्वीकृति मिल गई है। फिर भी 15 दिन में ठेकेदारों से अनुबंध होगा। ओहदपुर में एमएएल निवास से रजिस्ट्रार आफिस मुख्य रोड को जोड़ने वाली आंतरिक रोड 285 मीटर की आरसीसी बनेगी। इस पर 34 लाख रुपए खर्च होना है। टेंडर खुल चुका है। इसके लिए बनी समिति के फैसले के बाद अनुबंध की तैयारी होगी। फिर ठेकेदार काम शुरू करते हैं या नहीं। ये तस्वीर अनुबंध के बाद मिले वर्क आर्डर के वक्त ठीक से पता चल सकेगी। जनता पर सीधी मार ग्वालियर के आमखाे की मुख्य रोड, इसकी हालात सबसे ज्यादा खराब है। इस रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन निकलते हैं। आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इसी रोड पर आयुर्वेद कालेज भी है। फोटो: भास्कर चेतकपुरी राेड: इस सड़क पर जगह-जगह गड्डे होने से गाड़ी का बैलेंस बिगडने से वाहन चालक होते हैं घायल माधव सत्संग सड़क: इस रोड स्कूल और कॉलोनी हैं। लोगों को मजबूरी में खराब रोड से गुजरना पड़ रहा है। MIC की स्वीकृति: अब अनुबंध फिर बनगी सड़कें
गुप्तेश्वर कॉलोनी: 480 मीटर की रोड / लागत ₹55 लाख रुपए
चंद्रनगर श्मशान रोड-सूरज गार्डन 575 मीटर रोड / लागत ₹43 लाख
यादव कॉलोनी-शिवशक्ति नगर: 450 मीटर/ ₹23 लाख
मोहर सिंह-किशन मकान रोड: 320 मीटर / ₹24 लाख
प्रसाद नगर: 405 मीटर/ ₹26 लाख
मां विहार कॉलोनी: 140 मीटर/ ₹11 लाख
नूरगंज: 285 मीटर / ₹22 लाख
महावीर कॉलोनी: 390 मीटर / ₹29 लाख
डोंगरपुर: 230 मीटर / ₹24 लाख
बजरंग कॉलोनी: 565 मीटर / ₹57 लाख
राम कुई-भैंस मंडी: 850 मीटर / ₹93 लाख
नागदेवता मंदिर-ढोलीबुआ पुल 375 मीटर/₹16.77 लाख
तारागंज पुल-कमानी पुल: 1000 मीटर / ₹65.44 लाख
रामद्वारा गेट-कमानी पुल: 890 मीटर/ ₹78 लाख
एमएसए निवास-रजिस्ट्रार ऑफिस रोड: 285 मीटर / ₹34 लाख ऐसी 19 सड़कें, जिनका काम 80 फीसदी करने का दावा
निगम ने जिन 77 सड़कों की सूची तैयार की है। उनमें 19 सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें 10 से 80 प्रतिशत तक सड़कों को बनाने का दावा निगम का जनकार्य विभाग के अफसर कर रहे हैं। कार्य में देर के कारण अफसरों ने आला अफसरों को गिनाए हैं। इनमें प्रमुख चार कारण बताए हैं। एनओसी के लिए पीएचई विभाग को पत्र भेजा। जवाब नहीं मिला। {सीवर लाइन डालने का काम जब पूरा होगा उसके बाद ही सड़क बन सकेगी। {सड़क सकरी एवं पहाड़ी ढाल होने से रोलर और पेवर मशीन नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए सीसी रोड बनेगी। {जहां नाली का काम चल रहा है वहां बाद में रोड बनेगी।
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