पुलिस मुख्यालय के ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध करवाने और ठगी की रकम निकालने वाले गिरोह के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी शिकायतें दर्ज हैं। ऐसे फंसाते थे जाल में: तीन लेयर में बंटा था काम कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से तीन चरणों (पार्टी-ए, बी और सी) में काम करता है। ‘पार्टी-ए’ का काम गरीब और सीधे-साधे लोगों को पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज लेना और बैंक खाते खुलवाना है। ‘पार्टी-बी’ इन खातों का उपयोग कर देश के अलग-अलग हिस्सों में तकनीकी रूप से ठगी को अंजाम देती है। वहीं, ‘पार्टी-सी’ का काम बैंक खातों में आई ठगी की राशि को एटीएम या अन्य माध्यमों से सुरक्षित बाहर निकालना होता है। पकड़े गए आरोपी: स्थानीय युवक ही निकले ठगों के मददगार पुलिस ने इस मामले में अनोपराम नायक (40) फिरोज खान (30) और गजेन्द्र (38) को गिरफ्तार किया है। ये तीनों नागौर के ही रहने वाले हैं। इनके बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की सूचना साइबर पोर्टल के जरिए पुलिस को मिली थी। कानिस्टेबल मनमोहन की जांच के बाद पुलिस ने धारा 316(2), 318(4), 61(2) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर इन्हें दबोच लिया। थानाधिकारी की अपील: खाते किराए पर देना पड़ेगा भारी थानाधिकारी वेदपाल शिवरान ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रलोभन में आकर अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। यदि आपके खाते से ठगी का लेनदेन होता है, तो खातेदार के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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