रतलाम जिले के सैलाना में गुरुवार दोपहर उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने पटवारी कैलाश वरख्या को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी ने किसान से 5 हेक्टेयर कृषि भूमि के सीमांकन (नपती) के एवज में यह राशि मांगी थी। वर्तमान में लोकायुक्त की टीम सैलाना तहसील कार्यालय के नायब नाजिर कक्ष में आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है। लोकायुक्त निरीक्षक राजेंद्र वर्मा के अनुसार, ग्राम अडवानिया (तहसील सैलाना) निवासी जितेंद्र पाटीदार ने 10 अप्रैल को उज्जैन कार्यालय में एसपी आनन्द कुमार यादव को लिखित आवेदन दिया था। जितेंद्र ने शिकायत में बताया था कि उसके पिता ईश्वर लाल पाटीदार के नाम पर सैलाना और बागरियों की खेड़ी में करीब 5 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इस भूमि की वास्तविक स्थिति और सीमा जानने के लिए 22 जनवरी 2026 को लोकसेवा केंद्र के माध्यम से सीमांकन के लिए आवेदन किया गया था। घर आकर मांगे 30 हजार, 10 अप्रैल को लिए थे 3 हजार रुपए आवेदन के काफी दिन बाद भी सीमांकन नहीं होने पर जितेंद्र 9 मार्च 2026 को तहसील कार्यालय गया। वहां हल्का पटवारी कैलाश वरख्या से पूछताछ की, तो उसने कहा कि फीस जमा करा दोगे तो नपती हो जाएगी। इसके बाद 9 अप्रैल को पटवारी शिकायतकर्ता के घर पहुंचा और सीमांकन के लिए 30 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता के निवेदन पर 10 अप्रैल को पटवारी ने 7 हजार रुपए कम कर दिए और उसी दिन 3 हजार रुपए नकद ले लिए। तहसील कार्यालय के नाजिर कक्ष में रंगे हाथों पकड़ाया उज्जैन लोकायुक्त एसपी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जो सही पाई गई। इसके बाद गुरुवार 16 अप्रैल को लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। दोपहर में जैसे ही जितेंद्र ने सैलाना तहसील कार्यालय के नायब नाजिर कक्ष में पटवारी कैलाश को रिश्वत के शेष 20 हजार रुपए दिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
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