राजसमंद जिले में रोगी वाहनों की भारी कमी के बीच दो 108 एंबुलेंस पिछले 8 साल से कबाड़ हैं। अभी तक इनका निपटारा नहीं किया गया है। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के पास खड़ी इन एंबुलेंसों की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है। इनके टायर, इंजन, रेडिएटर और सीटें तक गायब हो चुकी हैं। असामाजिक तत्वों ने इनके टायर और कीमती पार्ट्स चोरी कर लिए हैं। ये वाहन पूरी तरह नकारा हो गए हैं। जिले में सिर्फ 22 एंबुलेंस करीब 175 किलोमीटर क्षेत्र में फैले राजसमंद जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 22 से अधिक 108 एंबुलेंस उपलब्ध हैं। लेकिन जरूरत के मुकाबले यह संख्या कम पड़ रही है। दुर्घटनाओं के दौरान कई बार समय पर एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाती। सबसे ज्यादा परेशानी प्रसूता महिलाओं को होती है, जिन्हें लेबर पेन शुरू होने पर समय पर वाहन नहीं मिल पाता और परिजनों को निजी साधनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन दोनों एंबुलेंस के बदले नई एम्बुलेंस संचालित की जाएं तो तो मरीजों को राहत मिल सकती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत बिंदल का कहना है कि दोनों वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है।
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