नमस्कार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संतोष करने की सलाह दी है। पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने निर्दलीय विधायकजी पर तंज कसा। जयपुर सेंट्रल जेल से फोटोशूट आया तो हड़कंप मच गया और अजमेर में शाकाहारी को डिलीवर हो गया नॉनवेज पिज्जा। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पूर्व CM को राठौड़जी ने दी सलाह पूर्व सीएम साहब ने मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों को सलाह दी कि अपने बच्चों को सरकार से दूर रखो। इस पर वह कहानी याद आ गई जिसमें बाबाजी खुद खास सब्जी खाया करते थे और दूसरों को उसे न खाने की नसीहत देते थे। भैया ऐसी सलाह ही क्यों देनी जिस पर खुद न चल सके हों। तो पूर्व सीएम को सीएम साहब ने खरी-खरी सुना दी। इस पर पूर्व वाले सीएम बिगड़ गए। झुंझलाहट में अपनी ही बात से पलट गए। बोले- मैं तो कहता हूं सबको राजनीति में लाओ। बेटे को लाओ, बेटी को लाओ, साले को लाओ, साली को लाओ। इस पर भाजपा संगठन के मुखियाजी ने बड़ी नरमाई से सुझाव दिया है। कहा है- उनकी राजनीति मुकम्मल हो चुकी है। अब उन्हें युवाओं का मार्गदर्शन करना चाहिए। अब इंतजारशास्त्र छोड़कर संतोषशास्त्र पर चलना चाहिए। 2. पूर्व मंत्री बोले- सोच हैंडपंप तक जो काम पिछले विधानसभा चुनाव से पहले करना चाहिए था, वह पूर्व राज्य मंत्री अब कर रहे हैं। वे बता रहे हैं कि कैसे पूर्ववर्ती सरकार ने चित्तौड़गढ़ की भलाई के लिए चंबल प्रोजेक्ट पर काम किया। कैसे वे भागीरथ बनकर एक साल तक जनता की भलाई के लिए जूझते रहे। यही बात वे वक्त रहते जनता को समझा नहीं पाए। उन्होंने मौजूदा निर्दलीय विधायक की सोच पर तरस खाते हुए कहा कि उन्हें चंबल प्रोजेक्ट की ABCD भी नहीं आती। उनकी सोच हैंडपंप तक सिमटी है। हालांकि जिन निर्दलीय विधायक का वे जिक्र कर रहे हैं, वही चंद्रभान आक्या उन्हें लगातार तीन बार हरा चुके हैं। 3. सेंट्रल जेल में फोटोशूट वह मर्डर के आरोप में जेल गया था। इसलिए जेल में उसकी इज्जत थी। जेल के कारकून (किसी के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने वाला) उनकी सुख-सुविधाओं का ध्यान रखते थे। मुट्ठी गर्म करके आरोपियों को होटलों में सैर कराने के मामले में पहले ही जेल की बदनामी हो रखी है। अब मर्डर के आरोपी ने जमानत पर बाहर आने के बाद शान से कुछ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया और लिखा- जेल की फोटो। यही आरोपी हथियारों के संग रील बनाने के शौक के कारण पकड़ा गया था। आर्म्स एक्ट लगाया था। शूटिंग का शौक जेल में भी पूरा हुआ। शौक सच में बड़ी चीज। फोटो पर हड़कंप मच गया। जेल के अंदर के अंदर, बैरक से फोटो कैसे खींचा जा सकता है? कैमरे वाला फोन कैसे आया? फोटो सही है या फिर जनरेट किया है? अब इन सब सवालों के जवाब तो तब मिलेंगे जब आरोपी दोबारा पकड़ा जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 4. चलते-चलते… आदमी को इतना सुविधा-भोगी भी नहीं होना चाहिए कि वह किसी दुविधा में पड़ जाए। वैसे तो ऑनलाइन डिलीवरी आज की जरूरत है और अब तो बड़े-बड़े बिजनेस इसी के भरोसे चल रहे हैं। लेकिन कभी-कभी गफलत भी हो जाती है। अजमेर में देखिए क्या हुआ? एक भाईसाहब ने वेज पिज्जा ऑर्डर किया। पिज्जा आया और भाईसाहब ने चट-पट खाकर आधा खत्म कर दिया। दरवाजे की घंटी दोबारा बजी। दरवाजे पर खड़ा डिलीवरी बॉय बोला- सर गलती से आपको नॉनवेज पिज्जा डिलीवर हो गया, यह लीजिए वेज पिज्जा। इनपुट सहयोग- सुनील जैन (अजमेर), महेंद्र सैनी (जयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..
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