लुधियाना के समराला चौक स्थित एक प्रसिद्ध ऑटो एजेंसी के मालिक के साथ उन्हीं के कर्मचारियों द्वारा लाखों-करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अपनी ही फर्म में भरोसेमंद पदों पर बैठे मैनेजर,अकाउंटेंट और ड्राइवर ने मिलीभगत कर व्यापार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया। पुलिस ने इस संबंध में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मालिक की गैर-मौजूदगी में खाली किए खाते जगमोहन गुप्ता ने शिकायत में बताया दिल्ली रोड (समराला चौक के पास) BK ऑटो एजेंसी के नाम से बैटरी और सोलर सिस्टम का बड़ा कारोबार चलाते हैं उनकी फर्म में काम करने वाले कर्मचारियों ने उनकी पीठ पीछे गबन का खेल खेला। जगमोहन के अनुसार जब उन्होंने फर्म के पुराने खातों और स्टॉक की बारीकी से जांच की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपियों ने फर्म के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर भारी भरकम राशि खुर्द-बुर्द कर दी थी जिसके कारण फलती-फूलती एजेंसी भारी घाटे में चली गई। इन पर दर्ज हुई FIR पुलिस ने मुदई जगमोहन गुप्ता के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 306 BNS के तहत केस दर्ज किया है जिसमे 4 लोगो को नामज़द किया मनजीत सिंह उर्फ जोनी फर्म का मैनेजर (निवासी कर्म कॉलोनी, ताजपुर रोड),हर्ष मित्तल उर्फ बंटी फर्म का मैनेजर (निवासी माधोपुरी, गौशाला रोड),सुखविंदर सिंह उर्फ लाडी: ड्राइवर एवं डिलीवरी मैन (निवासी गुरु गोबिंदसर, शिमलापुरी),प्रतिमा उर्फ परी फर्म की अकाउंटेंट (निवासी मोती नगर, लुधियाना)। आखिर कितना बड़ा है स्कैम? पीड़ित मालिक का आरोप है कि मैनेजर हर्ष और मनजीत ने अकाउंटेंट प्रतिमा के साथ मिलकर कागजों में हेरफेर की जबकि ड्राइवर सुखविंदर सिंह माल की डिलीवरी के दौरान हेराफेरी करता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गबन पिछले कितने समय से चल रहा था और इसमें क्या कोई और बाहरी व्यक्ति भी शामिल है। जाँच अधिकारी ने कहा पीड़ित की शिकायत पर थाना मोती नगर में मामला दर्ज कर लिया गया है। फर्म के दस्तावेजों को कब्जे में लेकर ऑडिट कराया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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