लुधियाना में रिश्वत लेते SHO अरेस्ट:बेटे का सामान लौटाने के बदले मांगे 35 हजार; विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा




लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो रेंज ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना डिवीजन नंबर 4 के मुख्य अफसर (SHO) इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्पेक्टर ने एक महिला के बेटे की सोने की अंगूठी और चांदी का ब्रेसलेट वापस करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। क्या है पूरा मामला? जानकारी देते हुए एसएसपी विजिलेंस वरिंदर सिंह बराड़ ने बताया शिकायतकर्ता वीनू पत्नी शाम लाल (निवासी नूरवाला रोड) ने विजिलेंस को बताया कि उनके बेटे शुभम को 17 अप्रैल को थाना डिवीजन नंबर 4 की पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया था। जब वीनू थाने में अपने बेटे से मिली तो शुभम ने बताया कि पुलिस ने उसकी सोने की अंगूठी और चांदी का ब्रेसलेट अपने पास रख लिया है और उसके साथ मारपीट की जा रही है। SHO ने कहा- 10 हजार नहीं, पूरे 35 हजार लगेंगे वीनू ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने SHO गुरजीत सिंह से सामान वापस माँगा, तो उन्होंने 35,000 रुपये की डिमांड की। 20 अप्रैल की शाम जब शिकायतकर्ता अपने पति के साथ SHO से मिलने पहुँची और 10,000 रुपये देने की पेशकश की, तो इंस्पेक्टर ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। उसने साफ कहा कि पहले ही 35 हजार की बात हुई थी, पैसे लाओ और अपना सामान ले जाओ। मोबाइल रिकॉर्डिंग बनी मुख्य सबूत सतर्क महिला ने इंस्पेक्टर के साथ हुई इस बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो में कर दी। विजिलेंस ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत ली, सरकारी गवाहों की मौजूदगी में विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। विजिलेंस की टीम और कानूनी कार्रवाई इस बारे में इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की थी। इसमें एसआई अनिल कुमार और अन्य कर्मचारी शामिल थे ने इस ट्रैप को अंजाम दिया। आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत थाना विजिलेंस ब्यूरो, लुधियाना में मुकदमा नंबर 08 दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।



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