बलिया में बेल्थरा रोड के उभांव थाना में एक युवती ने वन दरोगा पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस आरोप में नामजद वन दरोगा को उभांव पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया था। वहीं, मामले में अब नया मोड़ तब आ गया है जब पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों पर भी चार्जशीट दाखिल करने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। वन दरोगा ने शादी का झांसा देकर शोषण किया बलिया जनपद के थाना उभांव में 3 फरवरी को एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वन दरोगा उग्रसेन कुमार जयसवाल ने शादी का झांसा देकर करीब आठ माह तक उसका यौन शोषण किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 42/2026 के तहत धारा 69 व 351(3) बीएनएस में केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था बाद में पुलिस ने 24 फ़रवरी को मुखबिर की सूचना पर आरोपी को मधुवन ढाला के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय बलिया भेज दिया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इस मामले की विवेचना जारी थी। पीड़िता ने ऑडियो रिकॉर्डिंग डीआईजी को सौंपी इसी बीच प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता ने सोमवार को आजमगढ़ में डीआईजी से मिलकर उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक पर चार्जशीट दाखिल करने के मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी डीआईजी को सौंपी है। क्राइम इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया इस संबंध में सीओ रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है तथा पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल पूरे मामले पर क्षेत्रीय लोगों की नजर टिकी हुई है।
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