पंजाब के संगरूर जिले में बुधवार को टोल प्लाजा वर्कर्स यूनियन पंजाब ने केंद्र सरकार की कैशलेस टोल प्रणाली का विरोध किया। इसके तहत, चंडीगढ़-बठिंडा नेशनल हाईवे पर स्थित कालाझाड़ टोल प्लाजा को तीन घंटे के लिए टोल मुक्त रखा गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। टोल प्लाजा वर्कर्स यूनियन, भाकियू एकता (उगराहां) और अन्य संगठनों के नेता दविंदर पाल सिंह, नारायण सिंह, नज़र खान, गुरमीत सिंह, नरेंद्र सिंह, मनप्रीत सिंह, गुरसेवक सिंह, गुरध्यान सिंह और नायब सिंह भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यूनियन नेताओं ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा लागू की गई यह कैशलेस पॉलिसी जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। उनका तर्क है कि देश का एक बड़ा वर्ग अभी भी नकद लेनदेन पर निर्भर है और कई लोग यूपीआई, नेट बैंकिंग या गूगल पे जैसी डिजिटल सुविधाओं का उपयोग नहीं करते हैं। सर्वर डाउन होने से वाहनों की लंबी कतार इसके अलावा, सर्वर डाउन होने और नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यूनियन ने यह भी बताया कि नकद भुगतान बंद होने से टोल कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच अक्सर विवाद होते हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। पॉलिसी वापस लेने की मांग प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि देश की अपनी मुद्रा को स्वीकार न करना भारतीय संविधान का उल्लंघन है। यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और जल्द से जल्द इस पॉलिसी को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार कैशलेस सिस्टम को वापस नहीं लेती है, तो आने वाले समय में टोल प्लाजा को अनिश्चितकाल के लिए टोल फ्री कर दिया जाएगा।
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