आमजन की शिकायत संबंधी संपर्क पोर्टल पर आज सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने खुद समस्याएं सुनीं। जन समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर मोदी ने ऑफिसर से ‘संपर्क पोर्टल’ पर दर्ज शिकायतों के परिवादियों को सीधे फोन लगाकर कहा कि, “हेलो, मैं जिला कलेक्टर सीकर बोल रहा हूं,” तो परिवादी भी एक बार के लिए हैरान रह गए। कलेक्टर मोदी ने फोन पर परिवादियों से संबंधित समस्याओं के समाधान का फीडबैक लिया। पेंडिंग शिकायतों को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को पाबंद किया। संपर्क पोर्टल पर संवाद के दौरान नीमकाथाना के फूलचंद ने पेयजल सप्लाई में अनियमितता और अजीतगढ़ के हथोरा निवासी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी ट्यूबवेल पिछले 15 दिनों से खराब है और पानी लीकेज की समस्या के बारे में बताया। दांता निवासी राजेंद्र सिंह ने पिछले 7 दिनों से हैंडपंप खराब होने की शिकायत की। श्रीमाधोपुर के थोई निवासी लोकेश सैनी ने बिजली विभाग द्वारा गलत वीसीआर (VCR) भरने की शिकायत की। जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने पीएचईडी (PHED) के एक्सईएन को तुरंत मौके पर जाकर जांच करने व समाधान करने, बिजली डिस्काॅम के अधीक्षण अभियंता को गलत VCR मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द निस्तारण के आदेश दिए। जिला कलेक्टर मोदी ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को केवल ‘डिस्पोज’ करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि परिवादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। इस दौरान प्रशासनिक सुधार विभाग की सहायक निदेशक इंदिरा शर्मा, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामकुमार चाहिल, और बिजली डिस्काॅम के अधीक्षण अभियंता सुभाष देवंदा आदि मौजूद थे।
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