सिंगरौली जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए के सामान की खरीदी में हुए बड़े घोटाले को लेकर लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) समेत कई बड़े अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में पता चला है कि नियमों को ताक पर रखकर भारी-भरकम भुगतान किए गए। इसमें तीन मुख्य गड़बड़ियां सामने आई हैं। 19 स्कूलों के लिए करीब 4.68 करोड़ रुपए की खरीदी। 61 स्कूलों में बिजली के सामान और मरम्मत पर लगभग 3.05 करोड़ रुपए खर्च। 558 स्कूलों के लिए साफ-सफाई के सामान पर करीब 98 लाख रुपए का भुगतान। इन सभी कामों के टेंडर और पेमेंट की प्रक्रिया में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई लोकायुक्त रीवा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जिला शिक्षा अधिकारी सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल और वित्त विभाग के छविलाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। दफ्तर पहुंचकर जब्त किए दस्तावेज लोकायुक्त की टीम ने सिंगरौली पहुंचकर शिक्षा विभाग के दफ्तर से टेंडर, बिल और सप्लाई से जुड़े जरूरी कागज अपने कब्जे में ले लिए हैं। लोकायुक्त एसपी सुनील पाटीदार ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए हैं, इसलिए अब पूरे लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
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