आर्मी सिम्फोनी बैंड से निकले देशभक्ति के सुर:जवाहर कला केंद्र में आर्मी के जवानों ने बजाए वाद्ययंत्र, रायसीना हिल और बीटिंग रिट्रीट का बजा संगीत




जयपुर के जवाहर कला केंद्र के मध्यवर्ती सभागार में आयोजित आर्मी सिम्फनी बैंड के भव्य संगीतमय कार्यक्रम ने दर्शकों को देशभक्ति और संगीत के अद्भुत संगम से मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन मुख्यालय दक्षिण पश्चिमी कमान के 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सेना से जुड़े अधिकारी, पूर्व सैनिक, उनके परिवारजन और शहर के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल), चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दक्षिण पश्चिमी कमान मौजूद रहे। उनके साथ कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगीतमय संध्या की शुरुआत देशभक्ति से ओतप्रोत “वंदे मातरम्” की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई, जिसने माहौल को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध गीत “क्रेजी ट्रेन” की ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों में जोश भर दिया। कार्यक्रम में “रिजॉइस इन रायसीना” की धुन के माध्यम से रायसीना हिल और बीटिंग रिट्रीट समारोह की गरिमा को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। बैंड का संचालन मेजर डी. प्रभाकरन, इंस्पेक्टर ऑफ आर्मी बैंड द्वारा किया गया, जबकि एनबी सूबेदार मुरली कृष्णन के नेतृत्व में कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। “राडेत्स्की मार्च” की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियों की लय के साथ बैंड का उत्साह बढ़ाया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करते हुए “तेरी मिट्टी” और “देश मेरे” जैसे गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिन्होंने सैनिकों के साहस और बलिदान को जीवंत कर दिया। वहीं स्क्वाड्रन लीडर जी. जयचंद्रन की रचना “इंस्पिराटो” में मधुर बांसुरी वादन और ऊर्जावान समापन का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की विशेष आकर्षणों में “मैक एंड मैक” जाइलोफोन एकल प्रस्तुति रही, जिसे नायक टी. रोमिन सिंह ने बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके अलावा “द फाइनल काउंटडाउन” और “जय हो” जैसी लोकप्रिय धुनों ने दर्शकों में उत्साह और रोमांच भर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सेना का प्रेरणादायक गीत “कदम कदम बढ़ाए जा” प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति के जज़्बे से भर दिया और दर्शक भावविभोर हो उठे। इस दौरान सैन्य संगीत की महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि संगीत सेना में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सैनिकों के मनोबल, अनुशासन और प्रेरणा का एक सशक्त साधन है। गौरतलब है कि भारतीय सेना का सिम्फनी बैंड वर्ष 1990 में स्थापित हुआ था और यह गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा बीटिंग रिट्रीट जैसे राष्ट्रीय आयोजनों के अलावा कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, लेकिन इसकी मधुर धुनें और देशभक्ति का जज्बा देर तक दर्शकों के दिलों में गूंजता रहा।



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