पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी गुरुवार सुबह समाप्त हो गई। बुधवार सुबह 7:30 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई करीब 24 घंटे तक चली। जालंधर और गुरुग्राम समेत कुल 9 ठिकानों पर हुई इस जांच को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है और AAP व BJP के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ED की टीमों ने बुधवार सुबह जालंधर स्थित अशोक मित्तल के आवास, लवली स्वीट्स, लवली ऑटोज और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) समेत उनके 9 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। गुरुवार सुबह करीब 8:15 बजे जांच टीमें उनके परिसरों से बाहर निकलीं। सूत्रों के अनुसार, ED ने अशोक मित्तल और उनके बेटे से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की है। मनी लॉन्ड्रिंग का शक हालांकि ED ने अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच का दायरा अशोक मित्तल के साथ-साथ उनके बेटे के व्यावसायिक लेन-देन तक भी फैला हुआ है। रेड को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘मोदी स्टाइल’ बताते हुए कहा कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पलटवार करते हुए ‘आप’ को चोरों की पार्टी करार दिया और कहा कि यह ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत गंदगी की सफाई है। राघव चड्ढा के एंगल से गरमाई राजनीति इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली के ‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारद्वाज ने दावा किया कि इस छापेमारी के पीछे सांसद राघव चड्ढा का हाथ हो सकता है। गौरतलब है कि 12 दिन पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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