डीग पुलिस ने साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ चलाया है। पुलिस अधीक्षक शरण कांबले के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के तहत 1 से 15 अप्रैल तक 15 दिनों में 55 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से मेवात क्षेत्र सहित पूरे इलाके में अपराधियों के बीच खलबली मच गई है। फर्जी जॉब के नाम पर हो रही थी ठगी गिरफ्तार किए गए ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सेक्सटॉर्शन, सरकारी नौकरी का झांसा और फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को ठगते थे। पुलिस जांच में इनके मोबाइल फोन से 3 करोड़ 10 लाख रुपये की ठगी से संबंधित चैट्स और लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। 818 सिम और 801 मोबाइल ब्लॉक, 27 बैंक खाते चिन्हित पुलिस ने केवल गिरफ्तारियां ही नहीं की हैं, बल्कि ठगों के पूरे नेटवर्क को भी ध्वस्त किया है। साइबर तकनीक का उपयोग करते हुए, फर्जी लोकेशन पर सक्रिय 818 सिम कार्ड और 801 मोबाइल फोन ब्लॉक किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ठगी की रकम जमा करने के लिए उपयोग किए जा रहे 27 बैंक खातों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 17 मुकदमे दर्ज, जांच में जुटी पुलिस टीम इस अभियान के दौरान पुलिस ने 56 मोबाइल फोन, 91 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक और 7 चेकबुक बरामद किए हैं। इन ठगों के खिलाफ कुल 17 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एसपी की चेतावनी-अपराध छोड़ो या जिला छोड़ो पुलिस अधीक्षक शरण कांबले ने बताया कि पुलिस अब इन ठगों की विस्तृत जांच कर रही है। ठगी की रकम से अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है, जिन्हें जल्द ही जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे या तो अपराध छोड़ दें या फिर डीग जिला छोड़ दें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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